अम्फानः ओडिशा में बारिस व तेज हवाएं शुरू, शाह का नवीन को हर संभव मदद का आश्वासन

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भुवनेश्वर। ओडिशा के तट की ओर तेजी से बढ़ रहा अम्फान से निपटने की तैयारियों को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से बातचीत की और तैयारी पर चर्चा की। शाह ने केंद्र से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। आज यानी 19 मई से 24 घंटे अलर्ट जारी किया गया है। नेशनल क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की मीटिंग में अम्फान से निपटने पर चर्चा की गयी। इसके अध्यक्ष सचिव राजीव गौबा व ओडिशा के चीफ सेक्रेटरी असित त्रिपाठी से हुई बातचीत में त्रिपाठी ने उन्हें तैयारियों की जानकारी दी और कहा कि तटवर्ती इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का काम पूरा होने वाला है। हालांकि ओडिशा के समुद्र तट से करीब 120 किलोमीटर पहले ही चक्रवात अम्फान पश्चिम बंगाल की ओर मुड़ जाएगा पर तब तक भारी तबाही का कारण बन सकता है। यह 20 मई को पश्चिम बंगाल में लैंड फाल करेगा।

मौसम विभाग के अनुसार यह अम्फान ओडिशा के जगतसिंहपुर जिला स्थित पारादीप बंदरगाह से करीब 400 किलोमीटर की दूरी पर है। पारादीप बंदरगाह से 120 किमी.दूरी से पहले ही चक्रवात पश्चिम बंगाल की तरफ मुड़ जाएगा। राज्य के तटवर्ती जिलों में बारिस और हवाएं चलने लगी हैं। सोमवार की दोपहर को ही यह चक्रवात प्रचंड तूफान (सुपर साइक्लोन) में परिवर्तित हो चुका है। ओडिशा में भी 20 मई को हवाओं की गति 135 किलोमीटर तक हो सकती है। ओडिशा में 1999 के बाद यह पहला मौका है जब कोई सुपरसाइक्लोन बंगाल की खाड़ी में मंडरा रहा है। तब भी यह पारादीप में टकराया था।  हालांकि अबकी अम्फान के पश्चिम बंगाल की तरफ मुड़ने की बात कही जा रही है।

जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक और बालासोर, पुरी, गंजाम, गजपति, खोरदा, भुवनेश्वर कटक, जगतसिंहपुर जिले में तेज हवाएं और बारिस हो रही है जबकि पुरी, गजपति, गंजाम, खोरदा में सुबह से बूंदाबांदी हो रही है। आसमान में बादल छाये हैं। विशेष राहत आयुक्त प्रदीप कुमार जेना के अनुसार राहत एवं बचाव की समस्त तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। कोरोना से जूझ रहे पूर्वी भारत के इस राज्य में अम्फान चक्रवात ने भारी कठिनाई उत्पन्न कर दी है। मौसम विभाग की मानें तो अम्फान की रफ्तार 220-240 किमी. प्रतिघंटा तक हो सकती है। अधिकतम 265 किमी.प्रतिघंटा। विज्ञानी कहते हैं कि यदि स्पीड 220 किमी.प्रतिघंटा या फिर उससे ज्यादा हो तो चक्रवाती तूफान को सुपर साइक्लोन यानी प्रचंड तूफान की संज्ञा दे दी जाती है। अबकी कुछ ऐसा ही नजारा सामने आ सकता है।

मौसम विभाग के भुवनेश्वर सेंटर के डाइरेक्टर एचआर विश्वास का कहना है कि चक्रवात के प्रभाव से मंगलवार को उत्तरी ओडिशा के पांच जिलों केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, भद्रक, बालासोर व मयूरभंज में तेज हवाएं व भारी बारिस होना शुरू हो गयी है। बुधवार यानी 20 मई को बारिस और हवाए काफी तेज हो जाएंगी। इनकी गति 135 किमी.प्रतिघंटा तक हो सकती है। भारतीय मौसम विभाग के डाइरेक्टर जनरल मृत्युंजय महापात्रा का कहना है कि उत्तरी दिशा में आगे बढ़ते समय चक्रवाती तूफान की गति कम हो जाएगी। ओडिशा के तटक्षेत्र वाले 12 जिले इससे प्रभावित होंगे।

अम्फान से निपटने के लिए ओडिशा सरकार ने व्यापक तैयारियां की हैं। एनडीआरएफ की 12 टीमें और ओडीआरएफ की 20 टीमें प्रभावित जिलों में तैनात की गयी है। एनडीआरएफ के डीजी सत्यनारायण प्रधान ने बताया कि 8 टीमें स्टैंडबाई में रखी गयी हैं। जरूरत पड़ने पर तत्काल रवाना की जाएंगी। विशेष राहत आयुक्त जेना कहते हैं कि तटीय क्षेत्र के कच्चे मकानों में रहने वालों को सुरक्षित शिफ्ट किया जा रहा है। तटवर्ती क्षेत्र में 600 साइक्लोन सेंटरों और 700 पक्के घर तैयार हैं। जरूरत की सभी चीजें इनमें रखी गयी हैं। आपातस्थिति में इनका उपयोग किया जाएगा। लगभग 12 लाख लोगों के सुरक्षित रखने का इंतजाम सरकार ने किया है।

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