एनपीआर 2020ः बीजेडी के स्टैंड पर केंद्रीय मंत्री प्रताप षाडंगी की दो टूक

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भुवनेश्वर। बीजू जनता दल ने एनपीआर (राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर) 2020 के प्रावधान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि मातापिता के जन्मस्थान की जानकारी मांगना गलत है। बीजेडी की सरकार ओडिशा में ऐसा नहीं होने देगी। इसके ठीक उलट केंद्रीय मंत्री प्रताप षाड़ंगी ने कहा कि यह जानकारी एनपीआर में दर्ज होगी। इसलिए यह आवश्यक है।

बीजेडी संसदीय दल के नेता पिनाकी मिश्र का कहते हैं कि हालांकि नागरिक संशोधन अधिनियम से पार्टी सहमत है पर राज्य एनआरसी लागू नहीं करने दिया जाएगा। उनका कहना है कि एनपीआर के फारमेट में कॉलम 13(2) का पार्टी विरोध करेगी। इसे लागू नहीं होने दिया जाएगा। इसमें माता-पिता का बर्थ प्लेस पूछा गया है। इस बयान के बाद केंद्रीय मंत्री प्रताप षाड़ंगी ने कहा कि एनपीआर के लिए माता-पिता के बर्थ प्लेस की सूचना सभी राज्यों को देना अनिवार्य होगा। यह मसला राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा है।

बीजेडी संसदीय दल की बैठक के बाद पिनाकी मिश्र ने बताया कि केंद्र सरकार का आश्वासन है कि यह कालम भरना व्यक्ति की इच्छा पर है बाद में हटाया भी जा सकता है। बीजेडी इस जवाब से संतुष्ट नहीं है। जनगणना पर सांसद ने कहा कि 2021 की जनगणना में सामाजिक आर्थिक पिछड़े और अन्य पिछड़ी जातियों की गणना पृथक किए जाने की मांग पर पार्टी कायम है। बीती जनगणना 2011 में ओबीसी की गणना की गयी थी पर यह सार्वजनिक नहीं की गयी थी। ओबीसी इस समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इस बैठक की अध्यक्षता बीजेडी अध्यक्ष मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने की। बीजेडी संसदीय दल के नेता पिनाकी के अनुसार उन्होंने (नवीन पटनायक) सांसदों से कहा कि वे संसद के बजट सत्र में पार्टी की लाइन को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करें। लंबित पड़े रेलवे प्रोजेक्टों पर शीघ्र काम का मुद्दा, कोल रायल्टी और जीएसटी का बकाया रिलीज करने, एनर्जी सेस के मुद्दे संजीदगी से उठाएं। पटनायक ने यह भी सांसदों से कहा कि पोलावरम और महानदी अंतर्राज्यीय जल विवाद का मुद्दा प्राथमिकता के आधार पर उठाएं। हर सांसद को प्रत्येक दो माह में परफारमेंस रिपोर्ट तैयार करके देनी होगी। इस रिपोर्ट के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय ने परफार्मेंस प्रपत्र तैयार किया है जिसे हर दो माह में भरकर पार्टी अध्यक्ष यानी सीएम नवीन के कार्यालय में देना होगा। वह खुद मानीटरिंग करेंगे।