आतंकियों ने ओडिशा को बनाया अड्डा, आसान है यहां छिपना

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कटक (महेश शर्मा)। आतंकवादियों ने ओडिशा को अपना सुरक्षित अड्डा बनाया है। अलायदा, लश्कर-ए-तैय्यबा के बाद अब बांग्लादेश के आतंकी संगठन जेएमबी और हूजी के आतंकी भी यहां पनाह ले रहे हैं। पुलिस सूत्र के अनुसार इनके माओ आतंकियों से भी कनेक्शवन बताये जाते हैं। आतंकी योजना बनाना, वारदात करके ओडिशा में सुरक्षित जगह में आकर छुप जाना इनके लिए आसान सा हो गया है।  राज्य में बाहर से आने-जाने वालों की थानों में आमदरफ्त नहीं की जाती है। लश्कर-ए-तैय्यबा के आतंकी हबीबुर्रहमान उर्फ हबीब भी केंद्रपाड़ा का रहने वाला था। बताते हैं कि पूछताछ में उसके वालिदान पुलिस और खुफिया एजेंसियों से कुछ भी कहें पर उसके ओडिशा कनेक्शन की छानबीन की जा रही है। यह काम एनआईए की देखरेख में किया जा रहा है। वर्ष 2015 से अब तक सात आतंकियों की धरपकड़ की जा चुकी है।

पिछली रिपोर्ट को आधार माने तो जगतपुर, साल्हेपुर, किशन नगर (कटक), कुछ क्षेत्र केंद्रपाड़ा के तथा बालासोर के हैं। अलकायदा से कथित जुड़े अब्दुर्रहमान की गिरफ्तारी तो जगजाहिर है। इसकी गिरफ्तारी से दहशत सी फैल गयी थी। बाद में 16 फरवरी 2016 को एक महिला समेत पांच सिमी कार्यकर्ता राउरकेला में दबोचे गए थे। इन संदिग्धों ने मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र व यूपी में 17 विस्फोट मे लिप्त होने की बात स्वीकारी थी। खंडवा जेल से ये लोग फरार भी हुए थे। साल भर बाद 29 नवंबर 2017 में कटक जिले के किशननगर क्षेत्र के सामंतपुर गांव के अख्तरहुसैन खान के आतंकियों से संपर्क होने की सूचना पर एनआईआर पूछताछ की थी।

अलकायदा के लिए काम करने वाले अब्दुर्रहमान उर्फ रहमान कटकी की 2015 में गिरफ्तारी से पहले पुरी में तीन प्रमुख ट्रेनों में आगजनी की घटना को भी आतंकी घटना के नजरिये से देखते हुए एनआईए की 11 सदस्यीय जांच कर रही है। चांदीपुर में फोटो लेकर पाकिस्तान भेजने वाले एक फोटोग्राफर पकड़ा गया था। झारपड़ा जेल भुवनेश्वर में बंद सुभाष रामचंद्रन से पूछताछ जारी है। इस धरपकड़ के बाद श्रीजगन्नाथ मंदिर, लिंगराजमंदिर, कोर्णाक, बाराबटी स्टेडियम, बीजू पटनायक एयरपोर्ट की सुरक्षा कर दी गयी है।

लश्कर-ए-तैय्यबा के हबीब के पकड़े जाने के बाद ओडिशा की पुलिस और भी काफी सक्रिय हो गयी है। समुद्री सीमा सुरक्षा के लिए राज्य और केंद्रीय बलों ने साझा अभ्यास भी किया था। बताते हैं कि अलकायदा का सहयोगी आतंकी रहमान और लश्कर-ए-तैय्यबा से जुड़ा हबीब की निशांदेही पर ओडिशा में उन्हें सहयोग देने वाले दबोचे जा सकते हैं। हालांकि समझा जाता था कि अलकायदा का नेटवर्क लगभग खतम हो चुका है पर जब दिल्ली में मोहम्मद आसिफ (43), दिल्ली में गिरफ्तारी हुई तो पुलिस को इसके नेटवर्क का पता चला और कटक से अब्दुर्रहमान की गिरफ्तारी की गयी। इसके ठीक बाद जफर मसूद भी धरा गया। इनके लिंक पाकिस्तान, दुबई व सउदी अरब से भी हैं।

केंद्रपाड़ा में रहता था लश्कल आतंकी

अलकायदा का आतंकी अबुर्रहमान भी कटक के जगतपुर से गिरफ्तार किया गया था। हबीब को दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एनआईए ने गिरफ्तार किया था। उसके ओडिशा कनेक्शन पर छानबीन की जा रही है। वह केंद्रपाड़ा के पटकुरा थाना क्षेत्र के टेंडाकुडा पंचायत के मिहरमला गांव का रहने वाला है। उसके पिता मीर रहीनुद्दीन (70) रिश्तेदारों के साथ रहते हैं। एक भाई जियाउद्दीन सउदी अरब में रहता है।
ओडिशा पुलिस ने उसके परिवार वालों से पूछताछ की। उनका कहना है कि 2006 से हबीब उनके संपर्क में नहीं है। वह 2006 में बीवी बच्चों के साथ आया था। उसके पिता मीर रहीनुद्दीन का कहना है कि वह 2004 में सउदी अरब गए थे तो हबीब उनसे मिलने आया था। गांव से नाता तोड़कर तो वह पहले ही मुंबई चला गया था। वहां से सउदी अरब गया था।
उनका कहना है कि यदि उसने देश के विरुद्ध कुछ किया है तो उसे कड़ी सजा मिलनी ही चाहिए। उसके आतंकी कनेक्शन की जानकारी न होने की बात हबीब के पिता ने कही। उधर एनआईए का कहनाहै कि उसकी गिरफ्तारी भारत और सउदीअरब के बीच पारस्परिक सहयोग का नतीजा है। माना जा रहा है कि वह 15 अगस्त के पहले किसी हमले की तैयारी में था।