अम्फान की संभावित दस्तक से दहला ओडिशा, कोरोना के साथ ही एक और आपदा का संकट गहराया

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भुवनेश्वर। ओडिशा में अम्फान चक्रवाती तूफान का खतरा मंडरा रहा है। अलर्ट जारी किया जा चुका है। यदि चकवाती तूफान का असर दिखता है तो ओडिशा में इस साल का यह पहला चक्रवात होगा। इससे पहले बीते साल तीन मई को फॉनी चक्रवाती तूफान ने तबाही मचायी थी। राज्य अभी कोरोना से जूझ ही रहा है कि चक्रवात की संभावित दस्तक ने दहला दिया है। सरकारी स्तर बैठक करके एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। बंगाल की खाड़ी (बे आफ बंगाल) में बना कम दबाव का क्षेत्र शनिवार को चक्रवात का रूप धारण करेगा। अगले 24 घंटों में राज्य के 15 जिलों में तेज हवाएं और बारिस की संभावना के मद्देनज येलो अलर्ट जारी किया गयाहै।

राज्य सरकार ने ऐहतियाती कदम उठाते हुए समुद्र तट के चार जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। इसके संभावित कहर को देखते हुए सरकार ने अपनी समस्त तैयारी तेज कर दी है। उल्लेखनीय है कि बीते साल मई माह की तीन तारीख को फॉनी चक्रवात ने जबर्दस्त तबाही मचायी थी। हालांकि अबकी ऐसे आसार बहुत कम बताए जा रहे हैं पर मौसम विज्ञानी तेज हवाएं और बारिस की संभावना से इंकार नहीं कर रहे हैं। विशेष राहत आयुक्त प्रदीप जेना का कहना है कि चक्रवात की संभावन कम है फिर भी उससे निपटने की पूरी तैयारी है। समुद्र में मछली मारने गए मछुआरों को भी बाहर निकलने को अलर्ट किया गया है। चक्रवात की संभावनाओं और सरकार की तैयारियों को लेकर आपात बैठक हुई जिसमें राहत कार्यों की बाबत चर्चा की गयी।

विशेष राहत आयुक्त मौसम विभाग के हवाले से बताया कि कम दबाव का क्षेत्र आज देर शाम तक अवपात का रूप धर लेगा। संभव है कि शनिवार की शाम तक यह चक्रवाती तूफान में तबदील हो सकता है। इसके बाद यह उत्तर-पश्चिम की दिशा में गति करेगा। यही नहीं 17 मई की शाम तक अपनी दिशा बदलकर उत्तर-पूर्व की तरफ गति करेगा। हालांकि यह कहां पर लैंडफाल करेगा यह अब तक साफ नहीं हो सका है। विशेष राहत आयुक्त जेना ने कहा कि इस चक्रवात के कारण उत्तर ओडिशा प्रभावित हो सकता है।

गजपति से लेकर मयूरभंज तक 12 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। चार तटीय जिले बालासोर, भद्रक, जगतसिंहपुर केंद्रपाड़ा के जिलाधिकारी के साथ चर्चा कर किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिेए अलर्ट रहने को कहा गया है। आश्रयस्थल में लोगों को ले जाने तक पर चर्चा की गयी। इसकी पूरी तैयारियां हैं। पर्याप्त संख्या आश्रयस्थल चिन्हिंत किए गए हैं। ये आश्रयस्थल टीचरों और सरपंचों की देखरेख में रहेंगे। एनडीआरएफ, पुलिस और फायर ब्रिगेड के अधिकारियों से भी बातचीत की गयी है। उन क्षेत्रों के सरकारी स्टाफ की छुट्टियां रद्द कर दी गयी हैं जहां पर इस चक्रवात का प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।

अम्फान नाम के इस तूफान पर मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजल महापात्रा ने कहा कि यदि यह तूफा विकसित हुआ तो पहले 17 मई को उत्तर और ऊत्तर पूर्व की ओर बढ़ेगा। फिर इसके उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है। इसकी दिशा का सही अनुमान लगने में अभी समय है। मॉनसून की प्रगति में यह चक्रवात मददगार होगा यानी मॉनसून जल्द आ सकता है। यह साल का पहला चक्रवाती तूफान होगा।