बुद्धिमान बच्‍चे जल्‍दी बन सकते हैं शाकाहारी, जानें और क्या कहती है स्टडी

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शोधकर्ताओं का कहना है कि बुद्धिमान बच्‍चों के बड़े होकर शाकाहारी बनने की संभावना अधिक हो सकती है। शाकाहारी का संबंध लो कोलेस्‍ट्रॉल, मोटापा और ह्रदय रोग से हो सकता है। जिन बच्‍चों ने इंटेलिजेंस टेस्‍ट में ज्‍यादा स्‍कोर किया उनमें वयस्‍क होने पर कोरोनरी हार्ट डिजीज का खतरा कम था। इस स्‍टडी में 30 साल की उम्र के 8179 पुरुषों और महिलाओं को शामिल किया गया था जिनका 10 साल की उम्र में ही आईक्‍यू टेस्‍ट कर लिया गया था।

21 साल बाद 366 यानी 4.5 फीसदी प्रतिभागियों ने कहा कि वे शाकाहारी हैं। इनमें से 9 (2.5%) वेगन और 123 (33.6%) लोगों ने कहा कि वो वेजिटेरियन हैं लेकिन मछली या चिकन खाते हैं। शाकाहारी बनने वाले लोगों में महिलाएं ज्‍यादा थीं जिन्‍होंने उच्‍च स्‍तर की शिक्षा ली थी। हालांकि, अच्‍छी और कम शिक्षा एवं शाकाहारी और मांसाहारी बनने वाले सभी प्रतिभागियों की आय में कोई अंतर नहीं था। 10 साल की उम्र तक जिन बच्‍चों का आईक्‍यू अच्‍छा था, उनमें 30 की उम्र तक वेजिटेरियन बनने की इच्‍छा ज्‍यादा पाई गई।

इस संबंध को बेहतर शिक्षा और उच्च व्यावसायिक सामाजिक वर्ग के लिए आंशिक रूप से जिम्मेदार ठहराया गया था, लेकिन इन कारकों के समायोजन के बाद यह आंकड़ा सामने आया। पूरी तरह से वेजिटेरियन लोगों और वेजिटेरियन होकर मछली या चिकन खाने वाले लोगों के आईक्‍यू स्‍कोर में कोई अंतर नहीं था। परिणाम से पता चलता है कि बुद्धिमान बच्‍चों में वयस्‍क होने पर शाकाहारी बनने की संभावना ज्‍यादा होती है।

वेजिटेरियन डाइट से ह्रदय को भी स्‍वस्‍थ रहने में फायदा मिलता है। इसी वजह से अच्‍छे आईक्‍यू वाले बच्‍चों को बड़े होने पर कोरोनरी हार्ट डिजीज का खतरा कम रहता है। जीवनशैली और बुद्धिमानी से संबंध रखने वाला यह केवल एक उदाहरण है।