जम्मू कश्मीर में निकाय चुनाव के लिए वोटिंग जारी, इंटरनेट सेवाएं बंद

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श्रीनगर: आतंकवादियों की धमकी और प्रमुख राजनीतिक दलों के बहिष्‍कार के बीच आज जम्मू और कश्मीर में स्थानीय निकाय चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान जारी है। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुई। मतदान को देखते हुए सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है। दुष्‍प्रचार से बचने के लिए इंटरनेट सेवा को ठप कर दिया गया है। पहले चरण में कुल 11 जिलों में मतदान हो रही है। सोमवार को जिन जिलों में वोटिंग हो रही है उनमें अनंतनाग, बडगाम, बांदीपोरा, बारामूला, जम्मू, करगिल, कुपवाड़ा, लेह, पुंछ, राजौरी, श्रीनगर शामिल हैं।

विशेष बल तैनात

जम्मू और कश्मीर में शहरी निकाय चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान कुछ देर पहले शुरू हो गया है। मतदान के दौरान आतंकियों ने हमले की धमकी दे रखी है। पीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस और अलगाववादियों ने चुनाव का बहिष्‍कार किया है। चुनाव से पहले हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नरमपंथी धड़े के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक को रविवार को नजरबंद कर दिया गया है। ताकि चुनाव शांतिपूर्ण संपन्‍न हो सके। चुनाव को शांतिपूर्ण संपन्‍न कराने के लिए पुलिस बल के साथ बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है। आतंकवादी हमलों के मद्देनजर विशेष सतर्कता इंतजाम किए गए हैं। ताकि जनता के बीच मतदान को लेकर लोगों में किसी तरह का खौफ न रहे।

निकाय चुनाव के बारे में श्रीनगर निवासी सुहैब अहमद ने कहना है कि इस बार आतंकी हमलों और प्रदेश के प्रमुख राजनीतिक दलों के बहिष्‍कार के कारण चुनाव प्रचार बहुत कम हुआ है। काफी लोगों को इस बात का भी पता नहीं है कि इस बार उनके उम्मीदवार कौन-कौन हैं। जम्मू और कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी में पहले चरण में मतदान होगा। निजी कंपनी में नौकरी करने वाले अहमद ने कहा कि यहां किसी से भी पूछिए कि क्या उन्हें पता है कि कौन-कौन उम्मीदवार हैं? लोग आपको यही बताएंगे कि उन्‍हें कुछ नहीं मालूम। चुनाव और मतदान को लेकर काफी गोपनीयता बरती गई है। अहमद ने आरोप लगाया कि सरकार को बस यह दिखाने में दिलचस्पी है कि चुनाव हुआ है। उसे उपयुक्त तरीके से चुनाव कराने में कोई रुचि नहीं है।

चुनाव से पहले हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के नरमपंथी धड़े के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक को रविवार को नजरबंद कर दिया गया है। फारूक ने ट्वीट कर बताया है कि मैं नजरबंद हूं। चुनाव की विचित्र लोकतांत्रिक प्रक्रिया चल रही है। बड़ी संख्या में बल तैनात किए गए हैं। पीएसए लगाने, लोगों को कैद और नजरबंद करने, छापेमारी करने, पाबंदियां लगाने और इंटरनेट पर रोक लगाने की प्रक्रिया तेज हुई है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का मजाक उड़ाया जा रहा है। इससे पहले दो अक्टूबर को पुलिस ने जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक को एहतियाती तौर पर हिरासत में लिया गया था। हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी की नजरबंदी जारी रहेगी।

सेना का सर्च ऑपरेशन जारी

दूसरी तरफ आतंकियों की जानकारी मिलने के बाद शोपियां के छह गांवों में सुरक्षाबलों ने घर-घर जाकर सर्च ऑपरेशन चलाया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों ने मतदान के मद्देनजर शहर और घाटी के दूसरे इलाकों में गाड़ियों की जांच, तलाशी अभियान और इलाके में गश्त बढ़ा दी है, शहर में कई चेक-प्वाइंट बनाए गए हैं जहां गाड़ियों की जांच की जा रही है. गाड़ियों की जांच के लिए खोजी कुत्तों की भी मदद ली गई है।

16 अक्‍टूबर को अंतिम चरण का मतदान

जम्मू-कश्मीर में स्थानीय निकायों के चुनाव चार चरणों में होंगे। आज पहले चरण का मतदान होना है। दूसरे चरण का मतदान 10 अक्टूबर को, तीसरे का 13 अक्टूबर और अंतिम चरण का मतदान 16 अक्टूबर को होगा। वोटों की गिनती 20 अक्टूबर को होगी। राज्य के चुनाव अधिकारी के मुताबिक पहले फेज में कुल 422 वार्डों के लिए 1,283 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें जम्मू में 1010, कश्मीर में 207, लद्दाख में 66 उम्मीदवार हैं।

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