यूपी: भाजपा विधायक की बेटी ने हाईकोर्ट से सुरक्षा मांगी, अदालत ने कहा- 15 जुलाई को पेश हों

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बरेली से भाजपा विधायक राजेश मिश्रा की बेटी साक्षी मिश्रा और उनके पति अजितेश ने पति-पत्नी के रूप में शांतिपूर्ण जीवन जीने के लिए सुरक्षा की मांग करते हुए बृहस्पतिवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की. साक्षी मिश्रा और अजितेश कुमार द्वारा दायर इस याचिका पर सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति वाईके श्रीवास्तव ने 15 जुलाई की तारीख तय की क्योंकि सुनवाई के समय साक्षी और उनके पति अदालत में मौजूद नहीं थे.
याचिका में साक्षी और अजितेश ने सुरक्षा की मांग के लिए यह दलील दी है कि उनकी शादी से साक्षी के पिता नाखुश हैं क्योंकि साक्षी एक ब्राह्मण है, जबकि अजितेश जाति से दलित है और इसलिए साक्षी के पिता से उनकी जान को खतरा है. याचिकाकर्ताओं ने अदालत से गुहार लगाई है कि पुलिस या राजेश मिश्रा उनके शांतिपूर्ण जीवन में खलल न डालें क्योंकि दोनों ही बालिग हैं और इन्होंने अपनी इच्छा से शादी की है.

नहीं मिली हाईकोर्ट से राहत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साक्षी को फौरी तौर पर कोई राहत नहीं दी है. अदालत ने साक्षी और उसके पति अजितेश को 15 जुलाई को कोर्ट में पेश होने को कहा है. सुनवाई के बाद अदालत ने इस केस में कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया है और मामले की सुनवाई पंद्रह जुलाई तक के लिए टाल दी. अदालत में साक्षी के वकील ने तमाम दलीलें पेश करते हुए सुरक्षा मुहैया कराए जाने का आदेश दिए जाने की गुहार लगाई, लेकिन अदालत ने 15 जुलाई की तारीख तय कर दी. साक्षी और उसके पति अजितेश को पंद्रह जुलाई को कोर्ट में पेश होकर अपनी बात रखनी होगी. उनकी दलीलों से संतुष्ट होने के बाद ही अदालत इस मामले में कोई आदेश जारी करेगा. मामले की सुनवाई जस्टिस वाई के श्रीवास्तव की बेंच में हुई. साक्षी ने अपनी अर्जी में यूपी सरकार, बरेली के एसपी और बरेली के कैंट थाने के एसएचओ के साथ ही अपने पिता व बीजेपी विधायक राजेश मिश्र उर्फ़ पप्पू भरतौल को भी पक्षकार बनाया है.

विधायक ने कही ये बात

विधायक राजेश मिश्रा ने कहा, मेरे खिलाफ जो कुछ भी मीडिया में चल रहा है वो सब गलत है. मैंने किसी को कोई धमकी नहीं दी है. मेरी बेटी बालिग है और उसे निर्णय लेने का अधिकार है. मैंने किसी को जान से मारने की धमकी नहीं दी है, न ही मेरे परिवार के किसी व्यक्ति ने दी है. मैं और मेरा परिवार अपने काम में व्यस्त है, मैं अपनी विधानसभा में जनता का कार्य कर रहा हूं.” उन्होंने आगे कहा, ”कोई आदमी नहीं ढूंढ रहा है और ना ही मुझे इसके बारे में कोई जानकारी है, और वह कहां है मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. यह बात गलत है कि कोई ढूंढ रहा है, कोई नहीं ढूंढ रहा है. मैं तो कहीं गया नहीं हूं, सबको पता है कि मैं यही हूं, मेरे लोग यहां है. भाई आया, भतीजा आया है. कोई कहीं नहीं गया, कोई जाएगा भी नहीं. हम अपने काम में मस्त हैं.”

महंत ने किया इंकार

बरेली के बीजेपी विधायक राजेश मिश्रा की बेटी साक्षी के दलित युवक अजितेश से शादी का जो सर्टिफिकेट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, वह फर्जी बताया जा रहा है. दरअसल सर्टिफिकेट के आधार पर दोनों की शादी प्रयागराज के जिस मंदिर में होने का दावा किया जा रहा है, वहां के महंत ने उनके मंदिर में न तो इस तरह की कोई शादी हुई है और न ही उनके यहां से कोई सर्टिफिकेट जारी किया गया है. सर्टिफिकेट में दिए गए पते के आधार पर पर जब प्रयागराज के बेगम सरांय इलाके में गंगा तट पर स्थित राम जानकी मंदिर पहुंची, तो वहां के लोगों ने चार जुलाई को मंदिर में किसी तरह की शादी होने से इंकार किया.