J&K में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव नहीं कराने पर भड़के उमर- PM मोदी ने आतंकियों के सामने किया सरेंडर

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लोकसभा चुनाव 2019 के लिए तारीखों का ऐलान हो चुका है। इस बीच जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनावों की तारीख का ऐलान नहीं किए जाने पर नेशनल कान्फ्रेंस के अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा कि पीएम मोदी ने पाकिस्तान, आतंकवादियों और हुर्रियत के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। वहीं महबूबा ने कहा कि जम्मू- कश्मीर के लोगों को सरकार का चुनाव नहीं करने देना लोकतंत्र विरोधी विचार है। बता दें की रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव ना कराने की बात कहते हुए कहा था कि सुरक्षा की दृष्टि से फिलहाल राज्य में विधानसभा चुनाव नहीं कराए जाएंगे।

दरअसल, जम्मू-कश्मीर में पीडीपी और बीजेपी के अलग होने के बाद राज्य में काफी समय से राष्ट्रपति शासन लागू है। इस बीच राज्य में विधानसभा चुनावों की तारीख का ऐलान नहीं होने से राज्य के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा, पीएम मोदी ने पाकिस्तान, आतंकवादियों और हुर्रियत के सामने घुटने टेक दिए है। अच्छा हुआ मोदी साहब। इसके बाद उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, इंच का सीना फेल हो गया। 1996 के बाद पहली बार जम्मू और कश्मीर में विधानसभा चुनाव समय पर नहीं हो रहे हैं।” वही महबूबा मुफ्ती ने सरकार को निशाने पर लेते है कहा कि जम्मू-कश्मीर में केवल लोकसभा चुनाव करवाने के ऐलान से मन में अनहोनी की आशंका है। उन्होंने कहा कि लोगों को राज्य सरकार का चुनाव नहीं करने देना लोकतंत्र विरोधी है।

राजनाथ पर क्या बोले अब्दुल्ला- उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा कि राजनाथ सिंह जी के उन वादों का क्या हुआ जो आपने लोकसभा, राज्यसभा और सर्वदलीय बैठक में किए थे। आपने कहा था कि चुनाव के लिए सुरक्षाबलों को उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद दूसरे ट्वीट में कहा कि 1996 के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है कि विधानसभा के चुनाव समय पर नहीं होंगे।

क्या बोले कांग्रेस नेता- गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव पिछली बार 25 नवंबर-20 दिसंबर 2014 तक 5 चरणों में संपन्न हो गए थे। राज्य में कुल 87 विधानसभा की सीटें हैं। इस बीच कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर ने बताया कि पहली बार, हम देख रहे हैं कि एक ही संसदीय क्षेत्र में चुनाव तीन चरणों में होंगे। पांच साल तक, मोदी साहब हमें बताते थे कि उन्होंने कश्मीर में (सुरक्षा) स्थिति में सुधार किया है। लेकिन आज उन्होंने खुद को एक प्रमाण पत्र सौंप दिया है कि पांच साल में कश्मीर सबसे खराब सुरक्षा स्थिति में पहुंच गया है जहां चुनाव नहीं हो सकते हैं।