पुरी के मठ संस्कृति को बचाकर रखा जाएगा, बनेगी विशेष उपसमिति

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भुवनेश्वर. पुरी एक धार्मिक शहर है। यहां के मठ संस्कृति को बचाकर रखने के लिए, टूटे हुए मठों का पुनरूद्धार किया जाना जरूरी है। इस के लिए श्रीजगन्नाथ मन्दिर प्रबन्धन कमेटी की ओर से आज कहा गया है कि पुरी के मठ संस्कृति को ध्वंस नहीं, विकसित किया जाएगा। इसके लिए एक उप-कमेटी बनाई जाएगी। उसी तरह पुरी शहर को एक ऐतिह्यस शहर के रूप से विकसित करने के लिए राज्य सरकार मदद करने के लिए प्रबंधन कमेटी की ओर से राज्य सरकार को आज एक पांच सूत्री प्रस्ताव भेजा गया है।
आज जगन्नाथ महाप्रभु के प्रथम सेवक, पुरी के गजपति महाराज ठाकुर राजा दिव्यसिंह देव के अध्यक्षता में श्री मन्दिर प्रबन्धन कमेटी की एक उच्चस्तरीय बैठक हुई थी। बैठक में पुरी के जिलाधीश बलवन्त सिंह, श्रीमन्दिर प्रशासन के मुख्यप्रशासक किशन कुमार उपस्थित थे। बैठक में मुख्यतया पुरी में चल रहा उच्छेद प्रक्रिया पर घण्टो बहस हुई। आखिरी में फैसला किया गया है कि आगे ओर उच्छेद नहीं, पुरी में मठ संस्कृति को विकसित किया जाएगा। टूटे हुए मठों का पूर्नगठन व पुनरूद्धार के लिए एक उप समिति की गठन किया जाएगा। कमेटी का एकमात्र काम होगा टूटे हुए मठों का पुनरूद्धार, पुर्नगठन, पुरी में मठ संस्कृति का विकास व धार्मिक परम्परा के साथ मठों को काम करने देना। उसी तरह जिन लोगों का दुकान तोड़ा गया है उनका पुनर्वास के लिए प्रशासन तुरन्त कार्यवाही करेंगे।