बैठक विफल, जिलाधीश बोले- नियम के मुताबिक मठ तोड़े जाएंगे

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भुवनेश्वर. साधु सन्तों की ओर से विरोध प्रकट किये जाने को लेकर एक दिन के लिए बन्द रहा मठ व दुकान उच्छेद प्रक्रिया गुरूवार से फिर से शुरू होने वाली है। यह सूचना पुरी के जिलाधीश बलवंत सिंह ने दी है। जबकि मठ उन्मूलन का विरोध करने वाले पुरी सुरक्षा मंच की ओर से कहा गया है कि अगर ऐसा हुआ तो वह मठ तोड़ने पहुंचे बुलडोजर के आगे लेटकर अपनी जान दे देंगे। इसके साथ उन्होने इस बात को मुख्यमन्त्री के सामने रखने की भी बात कही है।
आज सुबह उच्छेद कार्य को बन्द रखने के लिए जिलाधीश से भेंट करके अनुरोध करने के लिए एक कमेटी पुरी के भाजपा विधायक जयन्त षड़ंगी की नेतृत्व में जिलाधीश के कार्यालय पहुंचेे। कमेटी में कुल 15 सदस्य थे। इनमें पुरी वकील संघ के कार्यकर्ता, श्रीमन्दिर प्रबन्धन कमेटी के सदस्य, जगन्नाथ सेना के कार्यकर्ता, कई जाने-माने स्थानीय लोगों के साथ नवकलेवर के समय उच्छेद का शिकार बने वह लोग भी शामिल थे जिन्हे आज तक सरकार की ओर से मुआवजा नहीं दिया गया है। कमेटी की ओर से कहा गया था कि पुरी के मठ संस्कृति काफी पुरानी है। एमार मठ को 900 साल पहले बनाया गया था। बड़आखड़ा मठ को 600 साल पहले बनाया गया था। एमार मठ की ओर से पुरी में अस्पताल, स्कूल, कालेज आदि बनाया गया है।
मंच की ओर से कहा गया कि नवकलेवर के समय दो साल पहले पुरी को सुन्दर बनाने के लिए कई लोगों को उनके दुकान व घर से यह कह कर उच्छेद किया गया था कि उन्हे मुआवजा मिलेगा। लेकिन आज तक ऐसा नहीं हो पाया है। तो फिर अब जिन्हे उच्छेद किया जा रहा है उन्हे पैकेज सचमुच मिलेगा वह कैसे कहा जा सकता है। इसलिए पहले लोगों को पैकेज दे दिया जाय फिर तोड़ा जाय। मंच के कार्यकर्ता जिलाधीश से 75 मीटर के अन्दर जो सौंदर्यीकरण करने की बात की जा रही है उसका ब्लू प्रिंट देखना चाहा।
जिलाधीश ने कहा था कि सुरक्षा को नजर में रखकर जो किया जाना है वह किया जाएगा। इसे रोका नहीं जा सकता है। मठ के देवताओंका मन्दिर व बीजे स्थल को तोडा नहीं जाएगा। जिनका मकान व वाणिज्यिक स्थल तोडा जाएगा उन्हे पैकेज दिया जाएगा। यह सरकारी फैसला है। लेकिन नियम के मुताविक उच्छेद प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता है।
जिलाधीश की इस फैसले को लेकर मंच के सदस्य दुखी हैं। मंच की ओर से कहा गया है कि वह मठ को रक्षा करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। वह मुख्यमन्त्री से मिलकर बात करंगे यदी वहां भी नहीं हुआ तो मठ को तोडने आये बुलडोजरों के आगे लेट कर जान दे देंगे लेकिन मठ को ध्वस्त नहीं होने देंगे। आज भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय महापात्र ने इस घटना को निन्दा करते हुए कहा है कि सरकार श्रीक्षेत्र को कुरूक्षेत्र बनाने पर तुली है। उसे रोका जाना चाहिये।