कई देशों के बाद भारत ने भी बोइंग 737 मैक्स 8 विमानों पर लगाई रोक, जानियें ​क्या है इसमें समस्या

0
112

स्पेशल डेस्क: भारत ने इथोपियन एयरलाइंस के एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने के मद्देनजर मंगलवार को बोइंग 737 मैक्स 8 विमान को प्रतिबंधित कर दिया. विश्व के कई अन्य देशों ने भी इस तरह का कदम उठाया है. गौरतलब है कि रविवार को हुई इस विमान दुर्घटना में 157 लोगों की मौत हो गई थी। विमान क्रैश होने के कारणों की जांच की जा रही है। लेकिन मैक्स 8 विमान की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। आइए इस मौके पर जानते हैं कि किन देशों में इस विमान पर रोक है और इसकी क्या खासियतें हैं…

​भारत में कौन कंपनियां करती हैं इस्तेमाल?

भारत में स्पाइस जेट और जेट एयरवेज बोइंग के 737 मैक्स मॉडल का इस्तेमाल करती हैं। स्पाइस जेट के पास करीब 12 ऐसे विमान हैं, जबकि जेट एयरवेज के पास ऐसे पांच विमान हैं।

​बोइंग 737 मैक्स के मॉडल

बोइंग 737 मैक्स के चार मॉडल हैं। 737 मैक्स 7, 737 मैक्स 8, 737 मैक्स 9 और 737 मैक्स 10।

737 मैक्स 7 मॉडल में 172 लोगों की बैठने की क्षमता है। यात्रियों को बिठाने की इसकी क्षमता कम है लेकिन यह सबसे ज्यादा 7,130 किलोमीटर तक का एक बार में सफर कर सकता है।

737 मैक्स 8 में 210 यात्री बैठ सकते हैं और यह 6,570 किलोमीटर का सफर कर सकता है।

737 मैक्स 9 में 220 सीटें हैं और 6,570 किलोमीटर तक सफर क्षमता है।

737 मैक्स 10 में 230 सीटें हैं और 6,110 किलोमीटर तक का सफर कर सकता है।

​क्या है ख़ासियत?

737 मैक्स के पंखों की डिजाइनिंग के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसमें इंधन कम खर्च होता है। यात्रियों के लिए भी यह सुविधाजनक है। उनको यात्रा के दौरान ज्यादा झटके महसूस नहीं होते हैं।

बोइंग का इस विमान में पायलटों के लिए काफी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। बोइंग की नई डिस्पले टेक्नॉलजी का इस्तेमाल किया गया है। 15 ईंच की बड़ी स्क्रीन लगाई गई है जिससे पायलटों को कम मेहनत में ज्यादा सूचना मिल जाती है।

इसमें बड़ा और खास इंजन लगाया गया है। यह इंजन पर्यावरण मैत्री हैं यानी कम शोर करने के साथ-साथ यह हानिकारक गैसों का कम उत्सर्जन करता है।

​क्या है इसमें समस्या?

बोइंग में समस्या की बात करें तो इसके इंजन, सॉफ्टवेयर में समस्या है और पायलटों के बीच प्रशिक्षण का अभाव है। इसके इंजन में दिक्कत के कारण कई बार जहाज की रफ्तार खुद से कम हो जाती है और जहाज बंद हो जाता है। इस समस्या से निपटने के लिए बोइंग ने MCAS नाम का एक सॉफ्टवेयर इसमें लगाया है। लेकिन इस सॉफ्टवेयर में भी दिक्कत है और कई बार गलत निर्देश देता है।

दुनिया भर में मुठ्ठी भर पायलटों को ही बी737 मैक्स के सिम्युलेटर पर प्रशिक्षण दिया गया है। पायलटों की बड़ी संख्या ऐसी है जिनको प्रशिक्षण नहीं दिया गया है।