तमिलनाडु: सरकार ने सीबीआई को सौंपा कोयंबटूर यौन उत्पीड़न मामला

0
52

चेन्नई: यौन उत्पीड़न ने मामले लगातार बड़ते जा रहे है. पुलिस इन वारदातों पर रोक लगाने की कोशिश कर रही है.तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले में 19 वर्षीय एक युवती का कथित रूप से यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेल करने वाले एक गिरोह पर शिकंजा कसते हुए पुलिस ने मंगलवार को चार आरोपियों पर ‘गुंडा कानून’ के तहत मामला दर्ज किया. वहीं, राज्य सरकार ने मामले को सीबीआई को सौंपने का निर्णय किया है.

इस मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है. दरअसल, उत्पीड़न के मामले में सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक को उस समय असहज स्थिति का सामना करना पड़ा जब उसके एक स्थानीय पदाधिकारी ने पीड़िता के भाई पर कथित तौर पर हमला किया. अन्नाद्रमुक ने पार्टी के इस पदाधिकारी को निष्कासित कर दिया, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया.

राज्य में विपक्षी पार्टी द्रमुक ने अन्नाद्रमुक पर हमला किया और पूछा कि क्या वह आरोपियों को बचा रही है. इसके बाद सरकार ने मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए. इससे कुछ घंटे पहले, मामले को स्थानीय पुलिस से लेकर अपराध शाखा सीआईडी को सौंपने का फैसला किया गया था.

गौरतलब है कि पीड़िता का एक वीडियो लीक हुआ, जिसमें उसकी चीखें सुनी जा सकती हैं और वह हमलावरों का विरोध कर रही है.

राज्य पुलिस के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि सरकार ने मामले को सीबीआई को सौंपने का निर्णय किया है और केंद्र को औपचारिक अनुरोध भेजने की प्रशासनिक प्रक्रिया चल रही है.

कोयम्बटूर जिला कलेक्टर राजामणि ने पुलिस अधीक्षक आर पांडिराजन की सिफारिशों के बाद गुंडा कानून के तहत आरोपियों को हिरासत में लिये जाने के आदेश दिये हैं.

चार आरोपियों तिरूनावक्कारासु, सतीश, सबरीराज और वसंतकुमार के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं और तमिलनाडु राज्य महिला उत्पीड़न निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और वे पहले से ही जेल में है.

पुलिस के अनुसार गत 12 फरवरी को कोयम्बटूर जिले में पोलाची के निकट एक कार के अंदर चार लोगों ने युवती का कथित रूप से उत्पीड़न करने का प्रयास किया और इस कृत्य का एक वीडियो बनाया और उसे ब्लैकमेल किया.

पीड़िता ने 24 फरवरी को पुलिस के समक्ष एक शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने बताया कि इस सिलसिले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था. द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन ने हाल ही में इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक पर हमला बोलते हुए पूछा कि क्या सत्तारूढ़ पार्टी आरोपी को बचा रही है. दूसरी पार्टियों के नेताओं ने भी इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रिया की.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here