सीरिया हमला : रूस ने कहा किसी नागरिक या फौजी के हताहत होने की ख़बर नहीं, ये देश भी उतरे समर्थन में

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दमिश्क : अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने सीरिया पर हमला किया है। हमला राजधानी दमिश्क और उसके आस-पास के होम्स जैसे शहरों पर किया गया है। हमले में राजधानी के आस-पास मौजूद सीरियाई सेना और ‘केमिकल रिसर्च सेंटर’ को निशाना बनाया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार सीरियाई सेना ने भी जवाबी हमला किया है। हमले के जवाब में रूस ने कहा है कि पुतिन का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एक रूसी दूत ने चेतावनी दी है कि हमले के परिणाम के लिए तैयार रहें।

अमेरिका के डिफेंस सेक्रेटरी ने हमले से जुड़ी अपनी अपील में कहा, “समय आ गया है कि सभी सभ्य देश मिलकर सीरियाई गृह युद्ध को समाप्त करें और इसके लिए वो अमेरिका का साथ दें जिसे पहले से जेनेवा शांति प्रयास का समर्थन हासिल है।” आपको बता दें कि सीरिया में ये गृहयुद्ध साल 2011 में शुरू हुआ था। उस दौर में पूरे मिडिल ईस्ट में तानाशाही के खिलाफ एक मुहिम सी चल पड़ी थी जो सीरिया में पहुंचते-पहुंचते गृहयुद्ध में तब्दील हो गई।

‘अमेरिका के ऐसे हमलों से कोई फर्क नहीं पड़ता’

सीरियाई विद्रोहियों ने कहा कि जब तक असद सत्ता में बने हुए हैं, अमेरिका के ऐसे हमलों से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला। शुरुआती जानकारी के मुताबिक सीरिया के किसी नागरिक या फौजी के हताहत होने की कोई ख़बर नहीं है। ब्रिटेन की पीएम टेरीजा मे ने कहा कि सीरिया में हुए हवाई हमले रासायनिक हथियारों के खिलाफ ‘सख्त संदेश’ देने वाले साबित होंगे।

जर्मनी ने भी किया समर्थन

जर्मनी ने सीरिया में हुए हमले को जायज ठहराते हुए इसका समर्थन किया। EU के प्रेसिडेंट ने सीरिया पर किए गए हमले को लेकर अमेरिका और सहियोगियों का समर्थन किया। विद्रोहियों के आखिरी गढ़ दोउमा में घुसी सीरियाई आर्मी। ये वही जगह है जहां पिछले हफ्ते कथित केमिकल अटैक हुआ था।

सीरिया में हुए हमले के मद्देनजर रूस ने यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी कौंसिल की आपात बैठक बुलाई। ब्रिटिश मंत्री बोले क्रेमलिन सीरिया में ब्रिटेन ने जो हमले किए हैं वो बेहद सफल रहे। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खमेनी ने ‘क्रिमिनल’ डोनाल्ड ट्रंप, इमैनुएल मैक्रों और टेरीजा मे को सीरिया पर हमले के लिए लताड़ लगाई।

दागी गईं 100 से ज़्यादा मिसाइलें

फ्रांस ‘तत्काल प्रभाव’ से सीरिया में फिर से राजनीतिक प्रक्रिया शुरू करना चाहता है- फ्रांस के एक मंत्री. इस्राइल ने सीरिया पर किए गए अमेरिका और उसके सहयोगियों के हमले को जायज़ ठहराया। सीरिया के ऊपर 100 से ज़्यादा मिसाइलें दागी गईं, इनमें से काफी मिसाइलों को मार गिराया गया- रूस. सीरिया पर हुए हमले पर ईरान ने चेतावनी दी है कि सीरिया के आस-पास के क्षेत्रों में इसके गंभीर परिणाम होंगे।

NATO भी उतरा हमले के समर्थन में 

हमले में रूसी ठिकानों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है. NATO (North Atlantic Treaty Organization) प्रमुख ने सीरिया पर हुए हमले का समर्थन किया। आपको बता दें कि NATO 29 देशों का मिलिट्री गठबंधन है। अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस इसके तीन प्रमुख सदस्य हैं। सीरिया पर ये हमला तब किया गया जब इस देश के पास शांतिमय भविष्य की उम्मीद थी. अमेरिका में रूस के राजदूत एंटोनी एंटोलोव ने कहा, हमने चेतावनी दी थी की ऐसे हमलों के परिणाम भुगतने पड़ेंगे। अब जो होगा उसकी ज़िम्मेदारी अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की है।

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