सत्यपाल मलिक बोले- कश्मीर को लेकर फेक न्यूज फैला रहे हैं राहुल गांधी

0
117

श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की इस मांग को खारिज कर दिया है कि विपक्ष के नेताओं को घाटी का दौरा करने की इजाजत दी जाए। जम्मू-कश्मीर राजभवन ने एक बयान जारी कर कहा है कि विपक्षी पार्टी के नेताओं के दौरे से समस्याएं और बढ़ेंगी और स्थानीय लोगों को ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ेगा। राज्यपाल ने कहा है कि राहुल गांधी इस मामले पर राजनीति ना करें। इसी बीच राज्यपाल ऑफिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि, राहुल गांधी जम्मू कश्मीर को लेकर फर्जी खबरें फैला रहे हैं।

राज्यपाल मलिक के कश्मीर निमंत्रण पर राहुल गांधी की ओर से की गई मांग पर अबराजभवन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि, राहुल गांधी कश्मीर की स्थिति के बारे में संभवतः सीमा पार से फैलाई जा रही फर्जी खबरों का जवाब दे रहे हैं। जबकि कश्मीर में स्थिति फिलहाल शांतिपूर्ण बनी हुई है। बयान में कहा गया है कि राहुल गांधी को कश्मीर की स्थिति पर “सही स्थिति देखनी चाहिए, जैसा कि भारतीय समाचार चैनलों द्वारा या सुप्रीम कोर्ट में सरकार द्वारा किए गए जमा की गई रिपोर्ट में बतायी गई है।

राजभवन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि, राहुल गांधी घटना का राजनीतिकरण कर रहे हैं। विपक्षी नेताओं का प्रतिनिधि मंडल जम्मू कश्मीर में माहौल को खराब कर सकता है, जिससे आम लोगों को परेशानी होगी। जैसा कि उन्होंने जम्मू-कश्मीर आने के लिए कई शर्तें रखी हैं, माननीय राज्यपाल ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन को इस मामले की जांच करने का अनुरोध किया है।बता दें कि, हाल ही में कुछ विदेशी मीडिया में वीडियो जारी कर दावा किया था कि, घाटी में बड़े पैमाने पर अशांति फैली हुई है। इसके बाद भारत सरकार ने विदेशी मीडिया द्वारा प्रकाशित रिपोर्टों का खंडन किया था।

गौरतलब है कि सोमवार को राज्यपाल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को जम्मू-कश्मीर आने का न्योता देते हुए कहा था कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के लिए वह विमान भेजेंगे। सके बाद राहुल गांधी ने जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक के राज्य की यात्रा पर आने संबंधी आमंत्रण को मंगलवार को स्वीकार कर लिया था और कहा था कि उन्हें विमान की जरूरत नहीं है। वह और विपक्ष के अन्य नेता जम्मू-कश्मीर आएंगे। उन्होंने राज्यपाल से लोगों तथा सैनिकों से मुलाकात करने की छूट देने को भी कहा था।