शनिचरी व हरियाली अमावस्या और सूर्यग्रहण आज, लेकिन भारत में नहीं दिखेगी ये खगोलीय घटना

0
116

नई दिल्ली: यदि आपको याद हो तो कुछ दिन पूर्व ही सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण पड़ा था. तो वहीं अब 11 अगस्त को यानी आज सूर्य ग्रहण पड़ने वाला है. शनिवार को लगने वाला सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 1 बजकर 32 मिनट पर शुरू होगा और ग्रहण मोक्ष सायं काल 5 बजे होगा. शनिचरी व हरियाली अमावस्या के अवसर पर श्लेशा नक्षत्र कर्क राशि में पड़ने वाला यह सूर्यग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा लेकिन इसका आंशिक प्रभाव रहेगा.

खास बात यह है कि इस बार यह आंशिक सूर्य ग्रहण पृथ्वी के उत्तरी गोलार्द्ध में दिखाई देगा. यानी कि भारत के लोग इस सूर्य ग्रहण का दीदार नहीं कर पाएंगे. इस बार का सूर्य ग्रहण भारतीय समयानुसार दोपहर 1 बजकर 32 मिनट से शुरू होकर शाम 5 बजे खत्म होगाय़ ग्रहणकाल का सूतक लगभग 12 घंटे पहले लगेगा. इस बार आंशिक सूर्य ग्रहण होगा, जो कि पृथ्वीख के उत्तरी गोलार्द्ध यानी कि उत्तरी यूरोप से लेकर पूर्वी एशिया और रूस में दिखाई देगा.

भारत के पड़ोसी देश चीन के अलावा यह नॉर्थ अमेरिका, नॉर्थ पश्चिमी एशिया, साउथ कोरिया और मॉस्को में भी देखा जा सकेगा. भारत में साल के इस अंतिम सूर्य ग्रहण के दीदार नहीं होंगे. नासा के मुताबिक, इन इलाकों में रहने वाले लोग 65 फीसदी आंशिक सूर्य ग्रहण का दीदार कर पाएंगे. इस साल की तरह अगले साल भी 3 सूर्यग्रहण लगेगा.

पहला 6 जनवरी, दूसरा 2 जुलाई और तीसरा 26 अगस्त को होगा. आज शनि अमावस्या है और हरियाली अमावस्या का भी संयोग बना है. यह एक दुर्लभ संयोग है क्योंकि सावन के महीने में शनिवार के दिन हर साल अमावस्या तिथि नहीं लगती है

व‍िज्ञान क्‍या कहता है
सूर्यग्रहण एक खगोलीय घटना है, और ये घटना तभी होती है जब चन्द्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है. सूर्यग्रहण के दौरान पृथ्वी के उत्तरी एवं दक्षिणी ध्रुव प्रभावित होते हैं. सूर्य से अल्ट्रावॉयलेट किरणें निकलती हैं जो एंजाइम सिस्टम को प्रभावित करती हैं, इसलिए सूर्यग्रहण के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है. सूर्य ग्रहण को कभी भी नंगी आंखों से नहीं देखना चाहिए. सूर्यग्रहण को देखने के लिए टेलिस्‍टकोप का ही इस्‍तेमाल करना चाहिए. सूर्य ग्रहण को देखने के लिए अल्‍ट्रावॉयलेट किरणों को रोकने की क्षमता वाले चश्‍में का भी इस्‍तेमाल किया जा सकता है. गर्भवती महिलाओं को इस दौरान विशेष सावधानी की जरूरत होती है.

उन्हें न तो सूर्यग्रहण देखना चाहिए, और न ही इस दौरान घर से बाहर निकलना चाहिए. यह सूर्य ग्रहण आंश‍िक है, यान‍ि चंद्रमा सूर्य को आधा ढक लेगा. इस दौरान सूर्य अर्ध चंद्र के आकार का द‍िखता है.

शिव की पूजा करें मिटेगा दुख
यह ग्रहण सावन में पड़ रहा है और साथ शनि अमावस्या का शुभ संयोग भी बन रहा है. इस ग्रहण काल के समय यदि आप शिव जी का पूजन करेंगे तो जिन पर शनि की साढ़े साती और ढैया चल रही है, उसकी सभी मुश्किलें दूर होगीं. जानकारों के अनुसार शनि का और ग्रहण का जिनकी कुंडली में सूर्य और राहु या सूर्य शनि का संबंध हो तो वो पूजा जरूर करें.

ऐसे करें पूजा
इस दिन गन्ने के रस, शहद और केसर मिश्रित दूध से शिव जी की पूजा करें. इस दिन शमी वृक्ष का पूजन भी जरूर करना चाहिए, जिससे सभी रोगों से मुक्ति मिल जाती है. हालांकि यह ग्रहण भारत में नहीं देखा जा सकेगा जिस कारण इसका असर भारत में नहीं पड़ेगा. इसी कारण यहां पर सूतक का विचार भी नहीं किया गया है.

आज लॉन्च होगा नासा का सोलर प्रोब
नासा का अंतरिक्ष यान सूरज तक पहुंचने के लिए तैयार है. सूरज के तापमान को टटोलने के उद्देश्य से डेढ़ अरब डॉलर का नासा का अंतरिक्षयान आज लॉन्च होगा. कार के आकार का अंतरिक्षयान ‘पारकर सोलर प्रोब’ आज फ्लोरिडा के केप केनवरल से डेल्टा 4 हैवी राकेट के साथ लॉन्च होगा. कार के आकार का ये अंतरिक्षयान सीधे सूर्य के कोरोना के चक्कर लगाएगा. भारतीय समय के मुताबकि यह दोपहर 1.30 बजे के करीब शुरू होगा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here