सर्वपितृ अमावस्या : ज्ञात-अज्ञात पितरों का करें श्राद्ध, शत्रु पर विजय के लिए करें ये उपाय

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नई दिल्ली : सर्वपितृ अमावस्या इस बार 8 अक्टूबर और 9 अक्टूबर दोनों दिन मनाई जा रही है। पितृपक्ष का समापन आश्विन माह की कृष्ण अमावस्या के दिन होता है जो कि श्राद्ध का अंतिम दिन होता है यानी अमावस्या से पितृ पक्ष समाप्त हो जाएगा।

इस अमावस्या को सर्वपितृ अमावस्या या पितृमोक्ष अमावस्या या पितृ अमावस्या या महालय अमावस्या भी कहते हैं। 8 अक्टूबर को अमावस्या तिथि 11:31 बजे से प्रारंभ होकर 9 अक्टूबर 09:16 बजे समाप्त होगी।

क्या है सर्वपितृ अमावस्या ?

पंडितों के अनुसार, सर्वपितृ अमावस्या के दिन ज्ञात-अज्ञात पितरों का श्राद्ध किया जाता है। यानी जिन पितरों का नाम याद न हो या उनके बारे में कोई जानकारी न हो ऐसे पितरों का श्राद्ध अमावस्या को करते हैं। इसी दिन से ही दशहरा महोत्सव की शुरुआत भी होती है। महालया, नवरात्र के प्रारंभ और पितृपक्ष के अंत का प्रतीक है। इस दिन पितृ हमसे विदा लेते हैं। इसलिए इस दिन सभी पितरों का स्मरण करना चाहिए।

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मृत्यु तिथि याद न होने पर इसी दिन होता है श्राद्ध

जो लोग अन्य तिथियों में अपने पूर्वजों का तर्पण नहीं कर पाते वे पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए इसी दिन श्राद्ध करते हैं। यदि पितरों की मृत्यु तिथि याद नहीं है तो भी श्राद्ध इसी दिन किया जा सकता है। इसी वजह से इसे सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या कहा जाता है।

क्या करें इस दिन ?

  • इस दिन सूर्योदय के समय सूर्य को जल अर्पित करें। पवित्र नदियों में स्नान करें।
  • घर में बने भोजन में से सर्वप्रथम गाय के लिए, फिर श्वान के लिए, कौए के लिए, चीटियों के लिए भोजन का अंश प्रदान करें।
  • पितरों को श्रद्धापूर्वक विधि-विधान से विदा करें और उनसे आशीर्वाद की प्रार्थना करें।
  • इस दिन पितरों के निमित्त खीर बनाएं। नारियल पर सिंदूर से स्वास्तिक बनाकर उसे हनुमान मंदिर में अर्पित करें।
  • सर्वपितृ अमावस्या के दिन पितरों को शांति देने के लिए और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए गीता के सातवें अध्याय का पाठ अवश्य ही करें. साथ ही उसका पूरा फल पितरों को समर्पित करें.

शत्रु पर विजय के लिए करें ये उपाय

यदि आपको भी कोई परेशान कर रहा है या आप मुकदमा आदि नहीं जीत पा रहे हैं तो सर्वपितृ अमावस्या के दिन एक नारियल पर सिंदूर से स्वस्तिक बनाकर उसे हनुमान मंदिर में अर्पित करें और शत्रुओं से संबंधित अपनी परेशानियां खत्म करने का आग्रह हनुमानजी से करें.

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