लगातार गिरावट के बाद सुधरा रुपया, एक डॉलर की कीमत 73.83 रुपये

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रुपये को लेकर एक्शन में आई सरकार के कदमों का असर अब दिखने लगा है. शुक्रवार को एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 29 पैसा मजबूत होकर 73.83 प्रति डॉलर पर खुला है. इससे पहले यानी गुरुवार को भारतीय रुपया 8 पैसा मजबूत होकर 74.12 के स्तर पर बंद हुआ था. एक्सपर्ट्स का कहना है अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड की कीमतों में आई गिरावट और सरकार के एक्शन में आने के बाद रुपये में मजबूती लौटी है.

आपको बता दें कि गुरुवार को मोदी सरकार ने रुपये की गिरावट को थामने और सस्ता कच्चा तेल खरीदने का नया प्लान बनाया है. सूत्रों की ओर से मिली जानकारी में कहा जा रहा है कि भारत और ईरान मिलकर क्रूड के एवज में भुगतान के नए तरीके पर काम कर रहे हैं.

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सस्ता हुआ क्रूड- ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ने से कीमतों पर दबाव बढ़ा है. पिछले 5 दिनों में कच्चा तेल 4 फीसदी तक सस्ता हो गया है. आपको बता दें कि भारत अपनी जरुरतों का 80 फीसदी कच्चे तेल विदेशों से खरीदता है. ऐसे में कीमतें बढ़ने देश का बजट गड़बड़ा जाता है और आम आदमी को पर महंगाई का बोझ बढ़ता है.

क्या है सरकार का नया प्लान

मोदी सरकार ने रुपये की गिरावट को थामने और सस्ता कच्चा तेल खरीदने का नया प्लान बनाया है. सूत्रों की ओर से मिली जानकारी में कहा जा रहा है कि भारत और ईरान मिलकर क्रूड के एवज में भुगतान के नए तरीके पर काम कर रहे हैं. भारत कच्चा तेल खरीदने के बदले में चावल और अन्य वस्तु ईरान को दे सकता है. साथ ही, भारत वेनेजुएला के साथ भी रुपये में तेल खरीदने की तैयारी कर रहा है. वित्त मंत्रालय ने योजना तैयार कर ली है. माना जा रहा है कि जल्द ही इस पर फैसला लिया जा सकता है.

आपको बता दें कि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पाद सिर्फ अमेरिकी डॉलर के बदले ही खरीदा जा सकता हैं. भारत कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है. ऐसे में कच्चे तेल के लिए सिर्फ अमेरिकी डॉलर में पेमेंट करना भारत के लिए बहुत नुकसानदायक साबित हो रहा है. विदेशी पूंजी भंडार घट रहा है और रुपया कमजोर हो रहा है. इससे देश में महंगाई बढ़ने की खतरा बढ़ गया है.

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