राम मंदिर समर्थक वसीम रिजवी ने पीएम से लगायी सुरक्षा की गुहार, बताया जान का खतरा

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नई दिल्ली : राम मंदिर के निर्माण का समर्थन करने वाले शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चिट्ठी लिखकर सुरक्षा की मांग की है। बता दें की दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दाऊद इब्राहीम के 3 शूटर्स को गिरफ्तार किया है जिनके निशाने पर रिजवी थे। गिरफ्तार किए गए आरिफ, अबरार और सलीम लगातार ‘डी कंपनी’ के संपर्क में थे। पुलिस ने इनके पास से हथियार भी बरामद किए हैं। वसीम रिजवी ने कहा है कि, मैं चरमपंथियों के निशाने पर हूं क्योकि मैं राम मंदिर बनाए जाने के समर्थन में हूं इसलिए मुझे मारने की साजिश रची जा रही है।

धमकी का ऑडियो टेप आ चुका है सामने

इससे पहले भी वसीम रिजवी को डी कंपनी के नाम से फोन पर जान से मारने की धमकी मिली थी। इस धमकी का ऑडियो टेप वायरल हुआ था। हालांकि तब भी सरकार ने वसीम की सुरक्षा व्यवस्था पर कोई एक्शन नहीं लिया था।

एक आरोपी अभी भी फरार

स्पेशल सेल ने खुलासा किया कि पकड़े गए तीनों गुर्गे- अबरार, आरिफ और सलीम दाऊद के सबसे करीबी छोटा शकील और डी कम्पनी के कुछ और खास लोगों के संपर्क में थे। पकड़े गए गुर्गों में से एक सलीम पैसा लेने के लिए दुबई भी गया हुआ था। वहां दाऊद के आदमी ने सलीम को 3000 दिरहम दिए थे। पुलिस के मुताबिक तीनों ने पूछताछ में खुलासा किया कि ये शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन को मारने के पहले बकायदा लखनऊ स्थित उनके घर की रेकी करने भी गए थे। पुलिस के मुताबिक इस मामले में कुल चार आरोपी हैं, जिनमें से एक फरार है। फरार आरोपी छोटा शकील का बेहद करीबी बताया जाता है। पूछताछ में इन्होंने कबूल किया कि राम मंदिर मामले में वसीम रिजवी मंदिर की वकालत करत हैं, इसलिए डी कंपनी इन्हें मारना चाहती है।

राम मंदिर के समर्थन में हैं वसीम रिजवी

उत्तर प्रदेश के शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी ने राम मंदिर विवाद को लेकर हमेशा कहते आ रहे हैं कि विवादित जमीन पर राम मंदिर का निर्माण हो। पिछले दिनों उन्होंने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को एक चिट्ठी लिखी थी। इस चिट्ठी में उन्होंने कुछ ऐतिहासिक और कड़वे सत्यों का जिक्र किया था। अपनी चिट्ठी में उन्होंने उन नौ ऐतिहासिक मंदिरों का वर्णन किया था, जिन्हें बाद में मस्जिद में बदल दिया गया। उन्होंने पहले मंदिर के तौर पर अयोध्या के राम मंदिर का जिक्र किया। वसीम रिजवी के मुताबिक अयोध्या के राम मंदिर को साल 1528 में बाबर के सेनापति मीर बाकी ने तुड़वाया था। मीर बाकी ने राम मंदिर और यहां पर बने पुराने मंदिरों को तुड़वा कर एक मस्जिद का निर्माण करवाया जिसका नाम बाद में बाबरी मस्जिद पड़ा था।

वक्फ के काम में दखल ना दे मुस्लिम लॉ बोर्ड

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को लेकर वसीम रिजवी का कहना है कि ‘जो पर्सनल लॉ बोर्ड से संबंधित मामले हैं वो सिर्फ उसमें बोल सकते हैं। वक्फ प्रॉपर्टी कहां बनेगी, मस्जिद कहां बनेगी, कहां नहीं बनेगी इस पर कुछ बोलने का या प्रस्ताव रखने का अधिकार पर्सनल लॉ बोर्ड को नहीं है। अयोध्या में राम मंदिर बनना चाहिए इसकी याचिका हम सुप्रीम कोर्ट में भी दाखिल कर चुके हैं। सुन्नी वक्फ बोर्ड की तरफ से कोर्ट में ये बात रखी गई कि शिया वक्फ बोर्ड की याचिका को खारिज कर दिया जाए, लेकिन कोर्ट ने उसने खारिज नहीं किया। अदालत ने कहा कि जब केस की सुनवाई शुरू होगी तब इस मामले को भी सुना जाएगा।

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