गुजरात में थम गया दूसरे दौर का प्रचार

बीजेपी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने रैलियां की

Published On: Dec 12, 2017 06:42 PM IST |   186

अहमदाबाद

गुजरात विधानसभा के दूसरे चरण का चुनाव प्रचार मंगलवार शाम पांच बजे थम गया, लेकिन इस बार भाजपा व कांग्रेस के कई दिग्गज प्रचार में नजर नहीं आए।भाजपा और कांग्रेस नेअपनी पूरी ताकत झोंकने की योजना बनाई है। बीजेपी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने रैलियां की।

 851 कैंडिडेट 93 सीटों पर अपना भाग्य आजमायेंगे

14 दिसंबर को होने वाले वोटिंग के लिए इस चुनावी मैदान में कुल 851 कैंडिडेट 93 सीटों के लिए अपना भाग्य आजमा रहे हैं। पहले चरण में जिस तरह से पार्टियों ने दागी उम्मीदवारों को टिकट बांटने में एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा की थी, ठीक वैसा ही नजारा इस चरण में भी देखने को मिल रहे हैं। इस चरण में भी पार्टियों ने दागी उम्मीदवारों पर अपना भरोसा जताया है। आंकड़ों पर गौर करें तो कांग्रेस ने दागी उम्मीदवारों को टिकट देने में भाजपा को भी पीछे छोड़ दिया है। एडीआर ने 851 कैंडिडेट के घोषणापत्र में से 822 कैंडिडेट का विश्लेषण किया है। यानी कि 822 कैंडिडेट की सारी जानकारी इस रिपोर्ट में शामिल हैं।

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गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के मतदान में कुल 851 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं। मगर 822 कैंडिडेट (जिनके घोषणापत्र का विश्लेषण किया गया है) में से 101 कैंडिडेट के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। यानी कि कुल उम्मीदवारों के 12 फीसदी उम्मीदवार क्रिमिनल बैकग्राउंड के हैं। इससे भी ज्यादा आश्चर्य की बात है कि इनमें से 68 कैंडिडेट यानी कि 8 फीसदी कैंडिडेट ऐसे हैं जिनके ऊपर संगीन अपराध के मामले दर्ज हैं। इन कैंडिडेट के मर्डर, मर्डर के प्रयास, किडनैपिगं और महिलाओं के प्रति अपराध जैसे क्रिमिनल्स रिकॉर्ड हैं।

उम्मीदवारों के खिलाफ दर्ज हैं आपराधिक मामले

अगर पार्टी वाइज इन क्रिमिनल रिकॉर्ड की बात करें तो कांग्रेस के 88 कैंडेडिट (जिनका विश्लेषण किया गया) में से 25 कैंडिडेट के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। यानि की कुल संख्या का 28 फीसदी। वहीं कांग्रेस के 18 कैंडिडेट (21 फीसदी) के ऊपर संगीन अपराध के मामले दर्ज हैं। अगर भाजपा की बात करें तो बीजेपी के 86 कैंडिडेट (विश्लेषित) में से 22 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो कुल संख्या का 26 फीसदी है। वहीं, 13 के खिलाफ संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। यानी कुल संख्या का 15 फीसदी।

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हालांकि, दागियों को टिकट देने में अन्य पार्टियां भी कम पीछे नहीं हैं। बसपा के 74 कैंडिडेट में से 6 के खिलाफ आपराधिक और दो के खिलाफ संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, एनसीपी के 24 उम्मीदवारों में से 4 के खिलाफ आपराधिक और 3 के खिलाफ संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। जदयू के 14 उम्मीदवारों में से 2 के खिलाफ आपराधिक और 1 के खिलाफ संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। आप के 7 में से दो के खिलाफ आपराधिक और एक के खिलाफ संगीन मामले दर्ज हैं। ठीक इसी तरह अन्य पार्टियों का भी हाल है। वहीं, निर्दलीय उम्मीदवारों की बात करें तो 344 उम्मीदवारों (विश्लेषित) 23 के खिलाफ आपराधिक और 14 के खिलाफ संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पांचवी सें 12वीं तक पढ़ें हैं ज्यादातर उम्मीदवार

अब अगर इन उम्मीदवारों के एजुकेशनल बैकग्राउंड पर नजर डालें तो 518 उम्मीदवारों ने अपने घोषणापत्र में इस बात का जिक्र किया कि वे पांचवी सें 12वीं तक पढ़ें हैं। 227 कैंडिडेट (28 फीसदी) स्नातक और उससे ऊपर के हैं। 47 कैंडिडेट (5 फीसदी) साक्षर हैं और 6 उम्मीदवार अनपढ़ हैं और 8 लोगों ने अपनी पढ़ाई की जानकारी नहीं दी है।

महिला उम्मीदवार भी दौड़ में

चुनाव के दूसरे चरण में महिला भागीदारी की बात करे तो इस सेकेंड फेज में महज 61 महिला उम्मीदवार इस चुनावी अखाड़े में हैं। जो कि कुल संख्या का महज 7 फीसदी है। बता दें कि ये सारी जानकारी उम्मीदवारों द्वारा उपलब्ध कराई गई घोषणा पत्र के आधार पर है।

 

 

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