'लव जिहाद' मामले पर बेटी ने पिता को पहचानने से कोर्ट में किया इन्कार

लव जेहाद मामले में हाईकोर्ट ने मुस्लिम पति या हिंदू माता-पिता दोनों में से एक को चुनने का फैसला खुद पायल सिंघवी पर छोड़ा है,इसके बाद युवती ने माता-पिता को पहचानने से ही इंकार करते हुए पति इरफान के साथ रहने की बात कही।

Published On: Nov 07, 2017 07:33 PM IST |   67

जयपुर|

राजस्थान के जोधपुर में कथित लव जेहाद मामले में हाईकोर्ट ने मुस्लिम पति या हिंदू माता-पिता दोनों में से एक को चुनने का फैसला खुद पायल सिंघवी पर छोड़ा है। दरअसल, पायल ने कुछ दिन पहले ही धर्म परिवर्तन कर अपना नया नाम आरिफा रखते हुए इरफान नाम के एक युवक से निकाह किया था। कोर्ट ने कहा कि युवती अपनी इच्छा से कहीं भी जा सकती है। हालांकि इसके बाद युवती ने माता-पिता को पहचानने से ही इंकार करते हुए पति इरफान के साथ रहने की बात कही।

युवती ने पिता को पहचानने से किया इनकार 

राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश गोपालकृष्ण व्यास की खंडपीठ में हुई सुनवाई के बाद युवती के पिता सुरेश सिंघवी ने कहा कि जिस बेटी को 23 वर्ष तक पाला-पोसा आज वो उन्हें पहचानने से इंकार कर रही है। पिता का आरोप है कि मेरी बेटी लव जेहाद की शिकार हुई है, बेटी को शादी के बाद दुबई ले जाया जा रहा है। उन्होंने अपनी बेटी को दुबई मे बेचने की आशंका भी जताई। पिता ने न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि सरकार और कोर्ट को धर्म परिवर्तन और लव जेहाद रोकने को लेकर कानून बनाना चाहिए। वहीं मां सरस्वती देवी ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को किसी मौलवी से जादू के चक्कर में फंसाया गया है।

धर्म परिवर्तन और लव जेहाद का विरोध

इधर, कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान बाहर कई संगठनों के कार्यकर्ता कथित धर्म परिवर्तन और लव जेहाद का विरोध करते हुए नारेबाजी कर रहे थे। उग्र भीड़ को देखते हुए पायल उर्फ आरिफा को अपने शौहर के साथ पुलिस ने कड़ी सुरक्षा में हाईकोर्ट के पीछे के गेट से बाहर निकाला|

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