भारत के अनमोल रत्नों में से एक थे "एपीजे अब्दुल कलाम"

वे भारत के 11वें राष्ट्रपति थे। देश के सर्वोच्च अवॉर्ड भारत रत्न से सम्मानित हो चुके अब्दुल कलाम को जनता का राष्ट्रपति भी कहा जाता है

Himanshu Srivastava | Published On: Oct 15, 2017 10:44 AM IST |   468

देश के पूर्व राष्ट्रपति और मिसाइलमैन के नाम से लोकप्रिय एपीजे अब्दुल कलाम की रविवार को 86वीं जयंती है। वे भारत के 11वें राष्ट्रपति थे। देश के सर्वोच्च अवॉर्ड भारत रत्न से सम्मानित हो चुके अब्दुल कलाम को जनता का राष्ट्रपति भी कहा जाता है।

एपीजे अब्दुल कलाम ने मुख्य रूप से एक वैज्ञानिक के रूप में चार दशकों तक रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) व इसरो को भी संभाला और देश में सैन्य मिसाइल के विकास के प्रयासों में भी शामिल रहे।

मिसाइल मैन के रूप में प्रसिद्ध कलाम देश की प्रगति और विकास से जुड़े विचारों से भरे व्यक्ति हैं। उनके जन्मदिन के अवसर पर उनसे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें और उनके 10 विचार हम आपसे शेयर कर रहे हैं।

एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ।

पेशे से नाविक कलाम के पिता ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे। ये मछुआरों को नाव किराये पर दिया करते थे। पांच भाई और पांच बहनों वाले परिवार को चलाने के लिए पिता के पैसे कम पड़ जाते थे इसलिए शुरुआती शिक्षा जारी रखने के लिए कलाम को अखबार बेचने का काम भी करना पड़ा।

जीते थे सामान्य जीवन

आठ साल की उम्र से ही कलाम सुबह 4 बचे उठते थे और नहा कर गणित की पढ़ाई करने चले जाते थे। सुबह नहा कर जाने के पीछे कारण यह था कि प्रत्येक साल पांच बच्चों को मुफ्त में गणित पढ़ाने वाले उनके टीचर बिना नहाए आए बच्चों को नहीं पढ़ाते थे। ट्यूशन से आने के बाद वो नमाज पढ़ते और इसके बाद वो सुबह आठ बजे तक रामेश्वरम रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर न्यूज पेपर बांटते थे।

पूरी दुनिया जानती है कि बच्चों के बेहद प्रिय कलाम साहब ने पूरा जीवन अकेले बिताया, उन्होंने शादी नहीं की और ना ही अपना परिवार बढ़ाया लेकिन उनके बच्चे थे और ये बात सामने तब आई जब एक इंटरव्यू के दौरान उनसे उनके निजी जीवन के बारे में पूछा था। दरअसल एक बार राष्ट्रपति भवन में कलाम साहब बच्चों के बीच में घिरे हुए थे।

पत्रकार के सवालों का कुछ यूं दिया जवाब

तभी वहां उनका इंटरव्यू लेने आए एक विदेशी पत्रकार ने उनसे पूछा था कि आपकी कोई अपनी संतान नहीं है फिर भी आप बच्चों से इतना प्यार करते हैं? पत्रकार की बातें सुनकर कलाम साहब मुस्कुराए और बड़ी शालीनता के साथ बोले कि नहीं आप गलत हैं मेरे तीन बच्चे हैं। कलाम साहब का जवाब सुनकर सब भौचक्के रह गए। लेकिन जब उन्होंने अपनी पूरा बात कही तो हप किसी की आंखें खुशी और गर्व से छलछला उठीं, क्योंकि कलाम ने कहा कि आपको  पता नहीं मेरे तीन बेटे हैं, जिनके नाम हैं पृथ्वी, अग्नी, और ब्रह्मोस।

बच्चों से करते थे बेइंतेहा मोहब्बत

बच्चों से बेइंतहा मोहब्बत करते थे 15 अक्टूबर 1931 को रामेश्वरम में जन्में कलाम ने अपनी पढ़ाई सेंट जोसेफ कॉलेज, तिरुचिरापल्ली से की थी। उन्हें साल 2002 में भारत का राष्ट्रपति बनाया गया था। वो बच्चों से बेइंतहा मोहब्बत करते थे और इसे विधि का विधान कहिए कि अपने अंतिम वक्त में भी वो बच्चों के ही साथ थे। मालूम हो कि उनका 27 जुलाई, 2015 को शिलॉंग में निधन हो गया था वे आईआईएम शिलॉन्ग में लेक्चर देने गए थे, इसी दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा और वो पंचतत्व में लीन हो गए थे।

भारत के मिसाइल कार्यक्रम के जनक

मद्रास इंजीनियरिंग कॉलेज से एयरनॉटिकल साइंस के छात्र रहे कलाम साहब ने भारतीय वायुसेना में नाकाम रहने के बाद 1962 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो में नौकरी शुरू की। उनके निर्देशन में भारत ने पहला स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान यानी पीएसएवी -3 बनाया और 1980 में पहला उपग्रह रोहिणी अंतरिक्ष में स्थापित किया गया।

यह वह दौर था जब पूरी दुनिया में युद्ध के आयाम और मायने बदल रहे थे। किसी भी देश के हथियारों के जखीरे में मिसाइलों का होना उस देश की ताकत और आत्मरक्षा का पर्याय माना जाने लगा था।

विश्व के ताकतवर देश अपनी मिसाइल टेक्नोलॉजी को भारत जैसे देश के साथ साझा नहीं कर रहे थे। भारत सरकार ने अपना स्वदेशी मिसाइल कार्यक्रम इंटीग्रेटेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू करने का फैसला किया और इसकी जिम्मेदारी कलाम साहब के कंधों पर सौंपी गई।

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