मोदी के मन में आजादी की पहली लड़ाई 1857 है न कि 1817

1817 को आजादी की पहली लड़ाई घोषित करने का कैबिनेट ने भेजा था प्रस्ताव

Mahesh Sharma | Published On: Jul 30, 2017 05:03 PM IST | Updated On: Jul 30, 2017 07:41 AM IST |   137

भुवनेश्वर। मन की बात से देश की नब्ज टटोलने वाले पीएम नरेंद्र मोदी ने नौ अगस्त को भारत छोड़ो का जिक्र करना नहीं भूले। जब इसकी चर्चा की तो वह 1857 को देश का पहला स्वतंत्रता संग्राम बताना नहीं भूले। ऐसा उन्होंने दो बार किया। ओडिशा के पाइक विद्रोह 1817 का भले ही आजादी की लड़ाई में योगदान का महिमा मंडन उनकी सरकार कर रही हो। पर मोदी सरकार इसे पहला स्वतंत्रता संग्राम का दर्जा नहीं देगी। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कैबिनेट की मीटिंग बुलाकर विशेष प्रस्ताव पारित कराके केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को भेजा था जिसमें 1817 के पाइक विद्रोह को पहला स्वतंत्रता संग्राम घोषित करने की मांग की गयी थी। केंद्र सरकार ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। मालूम हो कि 1817 का पाइक विद्रोह 1857 से 40 साल पहले लड़ा गया था।  

 

मन की बात में मोदी का फोकस 9 अगस्त को भारत छोड़ो आंदोलन पर था। बोलते हुए उ्न्होंने 1857 को पहली लड़ाई बतायी। ऐसा वह दो बार बोले। ओडिशावासी उम्मीद लगाए थे कि पाइक विद्रोह का भी जिक्र हो सकता है। पर ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने भारत छोड़ो आंदोलन की प्रेरणा से ही आजादी की लड़ाई को पुख्ता ताकत मिलने की बात कही। उन्होंने आह्वान किया कि देशवासी संकल्प ले कि नौ अगस्त से महंगाई, बेरोजगारी, गंदगी, आतंकवाद भारत छोड़ो का नारा अपनाकर देश को नया भारत बनाने के लिए आगे आएं। 

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