लालू यादव की 'पैरवी पर घिरे' जालौन के डीएम, सीएम योगी ने दिया जांच का आदेश

उत्‍तर प्रदेश के जालौन के कलेक्‍टर का नाम सामने आने के बाद मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ एक्‍शन में आ गए हैं

Published On: Jan 11, 2018 11:50 AM IST |   289

बिहार के पूर्व सीएम लालू यादव के जेल जाने के बाद से बिहार कि राजनीति में भूचाल सा आ गया है। दिन-प्रतिदिन चौकाने वाले ख़लासे हो रहे हैं। उन्‍हें बचाने के लिए कोशिश करने वालाें की लंबी लिस्‍ट है, जिसमें उत्‍तर प्रदेश के जालौन के कलेक्‍टर का नाम सामने आने के बाद मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ एक्‍शन में आ गए हैं। उन्‍होंने झांसी कमिश्‍नर को इस मामले की जांच करने के आदेश दे दिए हैं और जल्‍द से जल्‍द रिपोर्ट सौंपने को कहा है। मामला काफ़ी तूल पकड़ता जा रहा है।

जालौन के कलेक्‍टर ने किया था जज को फोन 

लालू प्रसाद पर फैसला सुनाए जाने से पूर्व सीबीआई के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह को उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के डीएम और एसडीएम ने फोन किया था। दोनों ने फोन पर लालू यादव की पैरवी करते हुए कहा था कि वह अच्छे इंसान हैं। जरा देख लीजिएगा सर तो एसडीएम ने कहा कि लालू यादव उनके रिश्तेदार हैं हो सके तो उन पर मेहरबानी करें। हालांकि इस बात का खुलासा होने के बाद काफी बवाल मच गया था जिसके बाद अब सीएमयोगी आदित्यनाथ ने झांसी के डीएम को मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं

सीएम योगी ने दिए पैरवी करने वालों पर जांच के आदेश

लालू यादव के खिलाफ फैसला सुनाने वाले जज शिवपाल सिंह उत्तर प्रदेश स्थित जालौन जिले के शेखपुर खुर्द गांव के रहने वाले हैं। गांव में कुछ लोगों ने उनकी जमीन पर कब्जा जमा लिया। विरोध करने पर उनके भाई सुरेंद्र पाल सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया। विरोधी जमीन पर कब्जा कर खेती कर रहे हैं। साथ ही जबरन जमीन से चक रोड निकाल दिया है।

शिवपाल सिंह ने खुद जिला कलेक्टर से न्याय मांगा, लेकिन समस्याएं दूर नहीं हुई। छह नवंबर, 2015 को वहां के तत्कालीन एसडीएम ने जमीन को मुक्त कराने का निर्देश दिया था। इसके बाद बीडीओ और ग्राम प्रधान की उपस्थिति में 1700 रपए का पत्थर लगवाया गया, इसे भी विरोधियों ने उखा़़डकर फेंक दिया। एसडीएम, तहसीलदार, सीओ और कोतवाल ने कोई कार्रवाई नहीं की तो जज ने डीएम से मदद मांगी, लेकिन उन्हें न्याय नहीं मिला। 12 दिसंबर, 2017 को डीएम और एसपी से शिकायत की तो डीएम ने कहा, 'आप झारखंड में जज हैं न, आप कानून पढ़कर आएं। उन्होंने यह भी कहा कि वे एसडीएम के आदेश को नहीं मानेंगे।'

जालौन के एसडीएम ने भी किया इंकार

हालांकि जालौन के डीएम डा. मन्नान अख्तर ने जज से लालू यादव के पक्ष में सिफारिश करने की बात से इंकार किया है। उन्‍होंने कहा कि मैंने कभी भी फोन पर उनसे बात नहीं की। अगर ऐसा हुआ है तो उन्‍हें जरूर एक बयान जारी करना चाहिए। रिपोर्टों में जिस तारीख का जिक्र किया गया है, मैं उस वक्‍त अपने गृह नगर में था, छुट्टी पर।
आपको बता दें कि इससे पहले मन्नान अख्तर ने यह बात कही थी कि उन्होंने न तो किसी की सिफारिश की है और न ही उनके मामले में कानून पढ़कर आएं जैसी बात कही है।

मामला मीडिया में आने पर आनन-फानन में हटवाया गया कब्जा वहीं मीडिया में इस तरह की खबर आने के बाद अधिकारी सक्रिय हुए और जज के पैतृक गांव गए जहां मापी कर जज की जमीन निकाली और करीब एक एकड़ जमीन मुक्त कराई गई। आपको बताते चलें कि शिवपाल सिंह ने अपनी पढ़ाई दाऊद पुर से की है इसके बाद आठवीं तक की पढ़ाई अगनू जूनियर हाई स्कूल से किया। दसवीं की पढ़ाई के बाद आगे की पढ़ाई सनातन धर्म इंटर स्कूल से की। इंटर की पढ़ाई करने के बाद उनकी शादी हो गई लेकिन शादी के बाद उन्होंने बीएससी तक की पढ़ाई इलाहाबाद से की और वही से लॉ की डिग्री भी लिया। फिलहाल वह झारखंड में जज है।

 

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