आधार का डेटा सेफ रखने के लिए सरकार का नया प्लान

टू-लेयर सिक्यॉरिटी सिस्टम, 12 अंकों की जगह वर्चुअल ID का प्लान

ARPITA KATIYAR | Published On: Jan 10, 2018 07:44 PM IST | Updated On: Jan 10, 2018 07:44 PM IST |   227

 नई दिल्ली।

आधार डेटाबेस में लीक की न्यूज रिपोर्ट के कुछ दिनों बाद यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने बुधवार को नया टू-लेयर सेफ्टी सिस्टम- वर्चुअल आईडी बनाने और लिमिटेड केवाईसी जारी किया है। ईटी नाउ की एक रिपोर्ट के मुताबिक इन दोनों उपायों से आधार यूजर्स की प्रिवेसी पहले से और पुख्ता हो जाएगी। यूआडीएआई वर्चुअल आईडी पर महीनों से काम कर रहा है. इसने पिछले दिनों उस वक्त घोषणा की थी, जब यूआईडीएआई डाटाबेस के अनधिकृत उपयोग और आधार की गोपनीयता के बार में एक अखबार ने चिंता व्यक्त की थी साध ही डाटा चोरी होने के आरोप भी लग रहे थे.

16 अंकों की वर्चुअल आईडी कुछ समय के लिए होगी मान्य 

Related image

नई प्रणाली का उद्देश्य आधार संख्या के लीक होने और दुरुपयोग के मामलों को कम करना है और 119 करोड़ लोगों की पहचान संख्या की गोपनीयता को बढ़ावा देना है. अब आधार डिटेल देने के समय या वेरिफिकेशन के समय इसी 16 अंको से काम चल जाएगा. ध्यान देने वाली बात है कि यह 16 अंकों की वर्चुअल आईडी कुछ समय के लिए ही मान्य होगा. तय समय के बाद यूजर को अपनी नयी आईडी जारी करनी होगी.

1 मार्च से आ जाएगी सुविधा

यूआईडीएआई ने कहा है कि एक मार्च से यह सुविधा आ जाएगी. हालांकि 1 जून से यह अनिवार्य हो जाएगी. इसका मतलब ये है कि 1 जून से सभी एजेंसियों को इसे लागू करने के लिए व्यवस्था करना अनिवार्य होगा. इसके बाद कोई भी एजेंसी वर्चुअल आईडी स्वीकार करने से इनकार नहीं कर सकती है.

नहीं होगी आधार डाटा तक एक्सेस

यूआईडीएआई के मुताबिक यह सीमित केवाईसी होगी. इससे संबंध‍ित एजेंसियों को भी आधार डिटेल की एक्सेस नहीं होगी. ये एजेंसियां भी सिर्फ वर्चुअल आईडी के आधार पर सब काम निपटा सकेंगी. यूआईडीएआई ने वर्चुअल आईडी (VID) की जो व्यवस्था लाई है, इसके तहत यूजर जितनी बार चाहे उतनी बार वर्चुअल आईडी जनरेट कर सकेगा. यह आईडी सिर्फ कुछ समय के लिए ही वैलिड रहेगी.

खुद अपना वर्चुअल आईडी जनरेट करें

इसके साथ ही यूआईडीएआई ये सुविधा भी देगा कि आप खुद अपना वर्चुअल आईडी जनरेट कर सकें. इस तरह आप अपनी मर्जी का एक नंबर चुनकर सामने वाली एजेंसी को सौंप सकते हैं. इससे न सिर्फ आपकी आधार डिटेल सुरक्ष‍ित रहेगी, बल्क‍ि आप अपने मोबाइल नंबर की तरह इस आईडी को भी आसानी से याद रख सकेंगे.

सीमित‍ केवाईसी

वर्चुअल आईडी की व्यवस्था आने के बाद हर एजेंसी आधार वेरीफिकेशन के काम को आसानी से और पेपरलेस तरीके से कर सकेंगी. सबसे अच्छी बात यह होगी कि वह आपके आधार नंबर तक तो नहीं पहुंच पाएंगे, लेक‍िन इससे जुड़ा हर काम पूरा कर सकेंगे.

 

Like Us

ब्रेकिंग न्यूज

बिहार में आज 588 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला बना रिकार्ड बनाएगी बिहार सरकार आगरा-दिल्ली रेलमार्ग पर डीरेल हुई गोंडवाना एक्सप्रेस, बड़ा हादसा होने से बचा 26/11 की तर्ज पर काबुल में हमला, 15 की मौत दर्जनों घायल दिल्ली की पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग, 17 कि मौत, 23 लापता