तिरुपति मंदिर से हटाए जाऐंगे 44 गैर हिंदू कर्मचारी

गैर हिंदू कर्मचारियों को अन्य विभागों में दी जाएगी नौकरी

ANANT TRIVEDI | Published On: Jan 07, 2018 06:48 PM IST | Updated On: Jan 07, 2018 06:48 PM IST |   173

नई दिल्ली।

आंध्र प्रदेश स्थित तिरुमाला में भगवान वेंकटेश्वर के तिरुपति बाला जी मंदिर से उन सभी कर्मचारियों को निकाला जाएगा जो गैर मंदिर हैं। इन सभी की नियुक्ति का मामला ज्यादा जोर पकड़ने के बाद राज्य सरकार ने इस मामले में दखल दिया है। राज्य सरकार ने कहा है कि मंदिर में तैनात सभी 44 गैर हिन्दू कर्मचारियों को अन्य विभागों में नौकरी दी जाएगी। दरअसल, मंदिर में सिर्फ हिन्दुओं को ही रखने का नियम है। यहां गैर हिन्दू को नौकरी पर नहीं रखता लेकिन इसी मंदिर की एक महिला कर्मचारी का वीडियो समाने आया जिसमें वो चर्च में प्रार्थना कर रही थी। महिला की पहचान मंदिर की डिप्टी एक्जिक्यूटिव स्नेह लता के तौर पर हुई है।

सरकार ने लगाई गैर हिंदुओं की नियुक्ती पर रोक

2007 में आंध्र प्रदेश सरकार ने निर्देश जारी किए थे कि वेंकटेश्वर भगवान की धरती तिरुमाला हिंदू श्रद्धालुओं की ही रहेगी। दूसरे धर्मों का यहां प्रचार-प्रसार निषेध रहेगा। सरकार ने मंदिर और उससे जुड़े शिक्षण संस्थानों में गैर हिंदुओं की नियुक्ती न करने का आदेश दिया था। इस बार नए साल के मौके पर भी राज्य सरकार ने मंदिरों में नए साल का जश्न मनाने पर रोक लगा दी थी। सरकार के विधि विभाग की तरफ से कहा गया था कि नए साल का जश्न हिंदू संस्कृति के खिलाफ है।

हिन्दूवादी संगठनों ने उठाया था मुद्दा

वीडियो आने के बाद हिन्दूवादी संगठनों ने मुद्दा उठाया और मांग की कि सभी गैर हिन्दू कर्मचारियों को मंदिर से निकाला जाए। इन सभी 44 लोगों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। आंध्र की राज्य सरकार भी इन कर्मचारियों को अपने विभाग में रखने के लिए तैयार हो गई है। बता दें कि साल 2007 में राज्य सरकार ने मंदिर और उससे जुड़े संस्थानों में गैर हिन्दुओं को ना नियुक्त करने का आदेश दिया था।

नौकरी देगी सरकार

टीटीडी के एक्जिक्यूटिव ऑफिसर अनिल कुमार सिंघल ने बताया कि सभी 44 गैर हिंदू कर्मचारियों को नोटिस देकर उनसे इस मामले जवाब मांगा गया है। उन्होंने कहा कि इन लोगों को राज्य सरकार के दूसरे विभागों में भेजने पर विचार किया जा रहा है। आंध्र प्रदेश सरकार भी इन कर्मचारियों को अपने विभागों में रखने पर राजी हो गई है।

सबसे अमीर मंदिर

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तिरुपति बालाजी मंदिर दुनिया का सबसे अमीर मंदिर माना जाता है। तिरुपति वेन्कटेशवर मन्दिर भारत के सबसे प्रसिद्ध तीर्थस्थलों में से एक है। यह आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित है। यहां पर बालाजी को भगवान वेंकटेश्वर के नाम से जाना जाता है। बीते साल मंदिर प्रबंधन समिति ने 2,780 किलोग्राम सोना 12 साल के लिए बैंक में जमा कराया था। इस मंदिर में की कुलसंपत्ति 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक है। यहां रोजाना करोड़ रुपये का चढ़ावा आता है। त्योहारों के समय पर यह चढ़ावा कई गुना बढ़ जाता है। चूंकि यहां दूसरे धर्मों के लोग काम नहीं कर सकते हैं, लेकिन वे दर्शन की इच्छा जताकर रजिस्टर में एंट्री करके मंदिर में जा सकते हैं।

लड्डुओं की है भारी डिमांड

Tirupati Temple

यहां मिलने वाले लड्डुओं को मंदिर का असली प्रसाद माना जाता है। इस मंदिर के पास एक बड़े रसोईघर में इन लड्डुओं को तैयार किया जाता है। श्रद्धालुओं के बीच इन लड्डुओं की काफी मांग होती है। देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले लोग मंदिर से इस लड्डू को ज़रुर खरीदते हैं। तिरुमाला बालाजी मंदिर प्रशासन इन लड्डुओं को पिछले 11 वर्षों से 25 रुपये प्रति लड्डू के हिसाब से बेच रहा है जबकि इसकी असली लागत 32 रुपये 50 पैसे प्रति लड्डू आती है। जो लोग मुफ्त दर्शनों वाली लाइन में कई घंटे तक खड़े रहते हैं उन्हें प्रति लड्डू सिर्फ 10 रुपये चुकाने पड़ते हैं।

कुल संपत्ति 50 हजार करोड़ से अधिक

इतना ही नहीं इस साल मंदिरों में नए साल के जश्न पर भी रोक थी। सरकार के कानून विभाग की ओर से कहा गया था कि नया साल मनाना हिन्दू संस्कृति के खिलाफ है। गौरतलब है कि तिरुपति बाला जी को दुनिया का सबसे अमीर मंदिर माना जाता है। यहां हर रोज करोड़ों का चढ़ावा आता है और हीते ही साल मंदिर समिति ने 2,780 किलोग्राम सोना 12 साल के लिए बैंक में जमा कराया था। मंदिर की कुल संपत्ति 50 हजार करोड़ से अधिक है।

मंदिर की कार से चर्च जाती हैं

आरोप है कि वो हर रविवार मंदिर की कार से चर्च जाती हैं। इस मामले की जांच के दौरान सामने आया कि एक-दो नहीं बल्कि 44 गैर हिन्दू कर्मचारी तैनात हैं। स्नेह लता की तैनाती साल 1986 में हुई थी। उस वक्त गैर हिन्दू कर्मचारी तैनात करने पर पाबंदी नहीं थी। साल 1988 में गैर हिन्दुओं को नौकरी पर ना रखने का नियम आया था।

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