भारत को FATF की समीक्षा इकाई से हटवाना चाहता है पाकिस्तान, कहा- उसकी दुश्मनी जगजाहिर है

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पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद की फंडिंग की निगरानी करने वाली संस्था वित्तीय कार्रवाई कार्यबल (FATF) को उसके एशिया प्रशांत संयुक्त समूह के सह अध्यक्ष पद से भारत को हटाने का अनुरोध किया है.

पाकिस्तान के वित्त मंत्री असद उमर ने पेरिस स्थित संस्था एफएटीएफ के अध्यक्ष मार्शल बिलिंगसलीआ को भेजे एक पत्र में उनसे भारत के अलावा किसी अन्य सदस्य देश को एशिया प्रशांत संयुक्त समूह का सह अध्यक्ष नियुक्त करने की मांग की है, ताकि एफएटीएफ की समीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और वस्तुनिष्ठ हो. उमर ने पत्र में लिखा है, ‘पाकिस्तान के प्रति भारत का द्वेष भाव जगजाहिर है और हाल में पाकिस्तान के वायु क्षेत्र का उल्लंघन और पाकिस्तानी क्षेत्र में बम गिराया जाना भारत के शत्रुतापूर्ण रवैया का एक और उदाहरण है.’

आतंकी संगठनों की मदद करने वाले देशों पर नजर रखने वाले संगठन FATF ने पाकिस्तान को पहले से ही ग्रे लिस्ट में डाल रखा है. ऐसे में पाकिस्तान पर एफएटीएफ की कार्रवाई की तलवार लटक रही है. आतंकी संगठनों पर कोई कार्रवाई न करने पर भविष्य में उसके खिलाफ ज्यादा कठोर निर्णय लेने की चेतावनी दे रखी है.

एफएटीएफ आतंकी संगठन आईएस, अल कायदा, जमात-उद-दावा, फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मुहम्मद, हक्कानी नेटवर्क और तालिबान से जुड़े कई आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पाकिस्तान पर दबाव बनाए हुए है. वहीं पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान पर कार्रवाई के लिए एफएटीएफ पर भारत का दबाव और बढ़ गया. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अगर पाकिस्तान ने कोई कार्रवाई नहीं की तो अक्टूबर में होने वाली एफएटीएफ की बैठक में उसे ब्लैक लिस्ट में डाला जा सकता है. ब्लैक लिस्ट में डाले जाने पर उसे विदेशी अनुदान और कर्ज मिलना मुश्किल हो सकती है. इससे आर्थिक संकट में फंसे पाकिस्तान की आर्थिक दशा और बिगड़ सकती है.

एफएटीएफ के एशिया-प्रशांत क्षेत्र के प्रतिनिधि 24 मार्च को इस्लामाबाद आएंगे और वे हालात की समीक्षा करेंगे. भारत इस शाखा में उप प्रमुख के पद पर है और इसे ही पाकिस्तान द्वारा आतंकी संगठनों के खिलाफ की गई कार्रवाई वाले फैसलों की समीक्षा करनी है.

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