नीरव और मेहुल पर ओबीसी के भी 289 करोड़ रूपए बकाया

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मुंबई. पीएनबी घोटाले के आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चैकसी पर ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) के भी 289 करोड़ रुपए बकाया हैं। बैंक ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। नीरव, मेहुल की कंपनियों ने मुंबई के कफ परेड इलाके में स्थित ओबीसी की कॉरपोरेट ब्रांच से कर्ज लिया था। बैंक ने दोनों आरोपियों और उनकी कंपनियों को विल्फुल डिफॉल्टर घोषित कर नोटिस जारी कर दिए।
नीरव की कंपनी फायर स्टार इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड ने ओबीसी का 60.41 करोड़ रुपए का लोन नहीं चुकाया। दूसरी कंपनी फायर स्टार डायमंड इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड ने 32.25 करोड़ रुपए के कर्ज में डिफॉल्ट किया। चैकसी की गीतांजलि जेम्स लिमिटेड पर 136.45 करोड़ और नक्षत्र वर्ल्ड लिमिटेड पर 59.53 करोड़ रुपए बकाया हैं। 13700 करोड़ रुपए के पीएनबी घोटाले का खुलासा पिछले साल फरवरी में हुआ था। इससे पहले ही नीरव, मेहुल और उनके परिवार विदेश भाग चुके थे। यह पता लगने के बाद ओबीसी ने 21 मार्च 2018 को नीरव और मेहुल के कर्ज एनपीए घोषित कर दिए।

क्यों लगा इतना समय
अब ये सवाल उठ रहे हैं कि ओबीसी ने नीरव और मेहुल पर बकाया की जानकारी देने में 18 महीने क्यों लगा दिए? पीएनबी में मर्जर से पहले यह जानकारी देने की मंशा क्या है? वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले दिनों 10 बैंकों के मर्जर का ऐलान किया था। ओबीसी और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का पीएनबी में विलय किया जाएगा। बैंकिंग सेक्टर के एक्सपर्ट और महाराष्ट्र ट्रेड यूनियंस ज्वॉइंट एक्शन कमेटी के संयोजक विश्वास उतागी का कहना है कि ओबीसी के अलावा अन्य बैंकों का भी नीरव और मेहुल पर बकाया है। वसूली के लिए वे एक साथ आकर कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं करते?

 
एसबीआई ने दी थी जानकारी
एसबीआई ने भी इसी साल चैकसी और उसके परिवार पर 405 करोड़ रुपए बकाया होने की जानकारी दी थी। इससे दो दिन पहले ही चैकसी ने भारत की नागरिकता छोड़ी थी। वह वेस्टइंटीज के एंटीगुआ एंड बारबुडा आईलैंड में रह रहा है। नीरव मोदी लंदन की वांड्सवर्थ जेल में है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अपील पर जारी प्रत्यर्पण वारंट के आधार पर लंदन की पुलिस ने 19 मार्च को उसे गिरफ्तार किया था। उसकी जमानत अर्जी 4 बार खारिज हो चुकी है।