अब सीरिया मसले को लेकर अमेरिका और रूस के बीच ठनी, रूस ने कहा दुबारा ऐसा हुआ तो मच सकती है अफरातफरी

0
120

वाशिंगटन : अमेरिका और रूस के बीच पिछले कई दिनों से तना-तनी चल रही है जो सीरिया मसले को लेकर भी कायम है। अब सीरिया पर अमेरिकी हमले को लेकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन नाराज हैं। पुतिन ने अमेरिका और उसके सहयोगियों की ओर से सीरिया पर किये गये हमले को आक्रामकता वाला कृत्य करार दिया है। पुतिन ने कहा है कि अगर सीरिया पर फिर से पश्चिमी देशों का हमला होता है तो दुनिया में अफरातफरी मच सकती है।

साथ ही कहा कि इससे सीरिया में मानवीय संकट को और बढ़ावा मिलेगा। क्रेमलिन की ओर से जारी बयान में रूस के नेता ने कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की ओर से किये गये हमले को लेकर मास्को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक बुला रहा है।

पुतिन ने कहा कि इस हमले का अंतरराष्ट्रीय संबंधों की पूरी व्यवस्था पर विनाशकारी प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने रूस के इस नजरिये को फिर से दोहराया कि सीरिया के डाउमा शहर पर कथित रसायनिक हमला जिसके कारण यह हमला हुआ, झूठा था।

पुतिन ने कहा कि डाउमा का निरीक्षण करने वाले रूस के सैन्य विशेषज्ञों को हमले का कोई सबूत नहीं मिला है। उन्होंने हमला करने से पहले अंतरराष्ट्रीय रासायनिक हथियार निगरानी संस्था के निरीक्षकों द्वारा क्षेत्र का दौरा करने तक का इंतजार नहीं करने पर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की आलोचना की।

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस की ओर से सीरियाई शासन के खिलाफ बेहतर ढंग से किये गये हमलों की प्रशंसा की और घोषणा की, मिशन पूरा हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि संयुक्त अभियान का मकसद रसायनिक हथियारों के उत्पादन, इसे फैलाने और इसके प्रयोग के खिलाफ कड़ा निवारक पैदा करना था।

हमले के बाद पहली प्रतिक्रिया में ट्रंप ने ट्वीट किया, ‘कल रात बेहतर ढंग से हमला किया गया। फ्रांस और ब्रिटेन को उनकी बुद्धिमत्ता तथा उनकी शानदार सेना की शक्ति को धन्यवाद।’ उन्होंने कहा, ‘परिणाम इससे बेहतर नहीं हो सकते थे। मिशन पूरा हुआ।’

कांग्रेस सदस्य वर्न बुकानैन ने कहा कि सीरिया पर अमेरिका, ब्रिटेन तथा फ्रांस के बलों द्वारा हमला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित रसायनिक हथियारों के असद द्वारा प्रयोग पर नपी तुली प्रतिक्रिया है। उन्होंने कहा कि संघर्ष में अपनी भूमिका नहीं बढाना या रूसी सैन्य कार्रवाई को नहीं उकसाना महत्वपूर्ण है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here