आचार संहिता लागू होते ही निर्मला सीतारमण को छोड़नी पड़ी स्पेशल फ्लाइट

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लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है और 7 चरणों में 17वीं लोकसभा के लिए चुनाव कराए जाएंगे. पहले चरण की वोटिंग 11 अप्रैल को होगी और 23 मई को नतीजे घोषित किए जाएंगे. चुनाव का ऐलान होते ही देशभर में आचार संहिता लागू हो गई है. इसका असर रक्षा मंत्री और बीजेपी नेता निर्मला सीतारमण पर भी देखने को मिला और उन्हें विशेष विमान के बजाए व्यावसायिक उड़ान से दिल्ली आना पड़ा.

रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने को विशेष विमान से चेन्नई से दिल्ली आना था. लेकिन इस बीच लोकसभा चुनावों के लिए कार्यक्रम की घोषणा हो गई और चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है. बीजेपी ने बयान जारी कर बताया कि सीतारमण ने यहां एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया जिस दौरान उन्होंने सरकारी कार और एस्कॉर्ट वाहनों का भी इस्तेमाल नहीं किया.

निर्मला बीजेपी के एक नेता की कार से हवाई अड्डे पहुंचीं. बीजेपी के मुताबिक मंत्री एक विशेष विमान से रवाना होने वाली थीं, लेकिन उनकी रवानगी से ऐन पहले चुनाव आयोग ने सात चरणों में लोकसभा चुनावों की तारीख घोषित कर दी और आदर्श आचार संहिता लागू हो गई.

बीजेपी ने बयान में कहा कि सीतारमण एक निजी कंपनी के विमान से रात आठ बजकर 40 मिनट पर राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हुईं. हवाई अड्डे के सूत्रों ने बताया कि उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे उन्हें छोड़ने टर्मिनल तक नहीं आएं.

क्या है आचार संहिता?

आदर्श आचार सहिंता राजनीतिक पार्टियों और उम्मीदवारों के लिए चुनाव आयोग की ओर से जारी किए कुछ निर्देश होते हैं और हर पार्टी और उम्मीदवारों को इन नियमों को पालन करना होता है. इन निर्देशों का पालन नहीं करने पर उम्मीदवारों या पार्टियों पर चुनाव आयोग की ओर से कार्रवाई की जा सकती है. किसी भी चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही उस क्षेत्र में आचार संहिता लागू हो जाती है और राजनीतिक पार्टियां, सत्ताधारी पार्टी, उम्मीदवार एक अधिकार क्षेत्र में रहकर ही काम कर सकते हैं. अगर लोकसभा चुनाव की बात करें तो यह पूरे देश में लागू होती है अन्यथा उन क्षेत्रों में आचार संहिता लागू होती है, जहां चुनाव होने हैं.

कब डाले जाएंगे वोट

चुनाव में सात चरणों में देशभर की लोकसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे. पहले चरण की वोटिंग 11 अप्रैल को होगी और 19 मई को आखिरी चरण की वोटिंग होगी. इसके बाद 23 मई को चुनावी नतीजों का ऐलान होगा. 16वीं लोकसभा का कार्यकाल 3 जून को खत्म हो रहा है और इससे पहले ही 90 करोड़ लोग मताधिकार का इस्तेमाल कर नई सरकार को चुन लेंगे.