NASA ने की नए सौर मंडल की खोज, ढुढ निकाला पहला सुपर अर्थ, पृथ्वी की तरह यहां भी जीवन की उम्मीद

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नई दिल्ली: नासा ने एक नए सौर मंडल की खोज की है और अपने अंतरिक्ष मिशन में एक नया अध्याय जोड़ा है. जिसमें तीन नए ग्रहों का पता चला है. इस खोज की खास बात ये है कि इसमें एक ‘सुपर अर्थ’ भी शामिल है. नासा ने अपने ट्रांजिटिंग एक्सोप्लैनेट सर्वे सैटलाइट (TESS) की मदद से इन ग्रहों का पता लगाया है. नासा ने दावा किया है कि सुपर अर्थ को देखने के बाद उसमें जीवन की सभी परिस्थितियां मौजूद दिखाई दे रही हैं. इस ग्रह का नाम ‘जीजे 375 डी’ है.

नासा की नई खोज में शामिल ‘जीजे 375 डी’ सुपर अर्थ पृथ्वी से 31 प्रकाश वर्ष दूर है. नासा के वैज्ञानिक राफेल लूक ने बताया कि सुपर अर्थ के साथ ही एक बौने ग्रह का भी पता चला है, जिसका आकार सूर्य का एक तिहाई है और 40 प्रतिशत तक ज्यादा ठंडा है. नासा ने अपने नए मिशन की शुरुआत इसी साल की थी और इसका उद्देश्य अपने सौर मंडल के बाहर नए ग्रहों की खोज करना है.

अमेरिका की कॉर्नेल यूनिवर्सटी की प्रॉफेसर और वैज्ञानिकों की टीम की सदस्य लिजा कलटेनेगर ने बताया कि ‘सुपर अर्थ’ को देखने के बाद हमें पता लगा है कि यह पृथ्वी से काफी मिलता-जुलता है. इसमें वो सभी चीजें हैं जो जीवन के लिए जरूरी है. उन्होंने बताया कि इसकी अपने सूर्य से दूरी मंगल ग्रह जैसी ही है साथ ही ग्रह पर चट्टानों की बनावट भी पृथ्वी से मिलती-जुलती है. वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि इस ग्रह के आसपास वायुमंडल होने का भी पूरा अनुमान है.

वैज्ञानिकों ने दावा किया कि सुपर अर्थ के आसपास जिस तरह का वायुमंडल दिखाई दे रहा है उससे अनुमान लगाया जा रहा है कि यहां का तापमान मंगल से ज्यादा हो सकता है. यहां पर पानी भी तरल अवस्था में हो सकता है. ‘सुपर अर्थ’ जीजे 357डी का आकार पृथ्वी के बराबर या दोगुना हो सकता है. इस ग्रह के बारे में शोध ऐस्ट्रॉनॉमी ऐंड ऐस्ट्रोफिजिक्स जर्नल में प्रकाशित किया गया.