लोकसभा चुनाव : यूपी बिहार में बीजेपी की सियासत की असली अग्निपरीक्षा

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नई दिल्ली : यूपी और बिहार ये वो दो राज्य हैं जो 2019 के असली विजेता की तस्वीर साफ़ करेंगे। दोनों राज्यों को मिलकर लोकसभा की 120 सीटें हैं। यही वजह है कि बीजेपी बिहार और यूपी के लिए खास तवज्जो दे रही है। बिहार में भाजपा नितीश कुमार की जेडीयू और रामविलास पासवान की लोजपा के साथ गठबंधन में है। बिहार एनडीए के नेता आज सीट शेयरिंग का ऐलान करेंगे। शनिवार को हुई बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने हर सीट की गहन समीक्षा की।

रेस में बीजेपी अपने विरोधियों को परास्त करने के लिए ने देर रात तक जो मैराथन बैठक की, उसमें से सबसे अहम नाम बिहार से निकल कर आए। जिन नामों पर पार्टी ने फैसला किया उसमें सबसे अहम नाम है- केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का। बीजेपी ने इन्हें पटना साहिब से उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है। पहली बार रविशंकर प्रसाद लोकसभा चुनाव लड़ेंगे।

दूसरा अहम नाम है-  केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, 2014 में वे नवादा से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। इस बार सीट बदल गई है। गिरिराज सिंह को पार्टी ने इस बार बेगूसराय का टिकट थमाया है।

तीसरा नाम है- केंद्रीय मंत्री आर के सिंह का। पार्टी ने उनकी सीट बरकरार रखी है। यानि 2014 में आरा से चुनाव जीतने वाले आरके सिंह पर पार्टी ने फिर भरोसा जताया है। केंद्रीय मंत्री राधामोहन सिंह की भी सीट बरकरार है। उन्हें पार्टी ने पूर्वी चंपारण से ही उम्मीदवार बनाया है। वही राजीव प्रताप रूडी को इस बार भी बीजेपी ने सारण से ही टिकट दिया है। 2014 में वे लालू को हराकर संसद पहुंचे थे।

जातीय समीकरण को साधने में लगी बीजेपी

जाति वाले फॉर्मूले की मिसाल है बीजेपी का फैसला जिसके तहत पटना साहिब से रविशंकर प्रसाद को टिकट दिया गया है। इस हाईप्रोफाइल लोकसभा क्षेत्र में कायस्थ वोट की बहुलता है। इसी वजह से बीजेपी ने 2014 में शत्रुघ्न सिन्हा को टिकट थमाया था, लेकिन शॉटगन के बागी होने के बाद पार्टी ने रविशंकर प्रसाद पर भरोसा जताया है।

2014 में बीजेपी ने बिहार की 30 सीटों पर चुनाव लड़े थे। उनमें से 22 पर जीत हासिल की थी। इस बार पार्टी महज 17 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। ऐसे में कुछ सीटों को सहयोगियों के लिए छोड़ना पड़ा है। जानकारी के मुताबिक, बीजेपी ने भागलपुर, सीवान, गोपालगंज, गया, झंझारपुर और बाल्मीकिनगर सीट जेडीयू को देने का फैसला किया है। इसमें भागलपुर को छोड़कर बाकी सभी सीटों पर बीजेपी की जीत हुई थी।

उत्तर प्रदेश की सीटों पर आज मंथन

चुनौती तो यूपी में भी जबरदस्त है। अखिलेश और मायावती ने मोदी को किसी भी सूरत में हराने की कसम खा ली है, लिहाजा बीजेपी संभल-संभल कर कदम रख रही है, बीजेपी की चुनाव समिति आज यूपी पर मंथन करने वाली है, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पाण्डेय और दूसरे नेता भी शामिल हो रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी के सीट पर फैसला होगा। माना जा रहा है कि पीएम मोदी इस बार वाराणसी से भी चुनाव लड़ेंगे।

बिहार एनडीए में आज होगा सीट शेयरिंग का ऐलान

सूत्रों की मानें तो नवादा और भागलपुर जैसी महत्वपूर्ण सीटों को बीजेपी ने सहयोगियों के लिए छोड़ा है। नवादा सीट से 2014 में बीजेपी नेता गिरिराज सिंह ने चुनाव जीता था, साथ ही भागलपुर से पार्टी ने शहनवाज हुसैन को मैदान में उतारा था, लेकिन शहनवाज करीब 8 हजार वोटों से चुनाव हार गए थे। इस बार इन दोनों सीटों को सहयोगियों पार्टियों को दिए जाने की खबरें हैं।

बता दें कि बिहार में बीजेपी और जेडीयू 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, जबकि रामविलास पासवान की पार्टी को 6 सीटें मिली हैं।