लोकसभा चुनाव : मोदी का पहला कार्यकाल कई खास बातों के लिए रहेगा चर्चित

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नई दिल्ली : देश में नई सरकार चुनने के लिए चुनावों का आगाज हो चुका है। एक तरफ विपक्षी दल महागठबंधन की सरकार बनाने के लिए जीतोड़ प्रयास कर रहे हैं वहीँ बीजेपी सत्ता में दोबारा वापसी के लिए जद्दोजहद कर रही है। लेकिन इन सबके बीच 2014 में प्रचंड बहुमत के साथ संसद की सीढ़ियों को नमन कर सदन में पहुंचे प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी का पहला कार्यकाल कुछ खास बातों के लिए याद रखा जायेगा।

पीएम मोदी अपने कार्यकाल के दौरान लगातार विपक्षी नेताओं के निशाने पर रहे। हालांकि इस कार्यकाल के दौरान पीएम मोदी जनता के सबसे पसंदीदा प्रधानमंत्री बने रहने का तगमा अपने साथ लिए रहे। हालांकि इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि पीएम कई मोर्चों पर उतने कारगर साबित नहीं हो पाए।

व्यक्तित्व की खास बातें:

प्रखर वक्ता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे वक्ता हैं जिन्हें सुनकर जनता मंत्रमुग्ध हो जाती है। जनसभाओं में उनकी भाषा शैली का कोई सानी नहीं है। इस बात के लिए उनकी दुनिया भर में तारीफ हो चुकी है। जब वे भाषण देते हैं तो जनता से सीधे जुड़ते हैं। सवाल- जवाब करते हैं। जनता उनकी इसी बात से कायल हो जाती है। मोदी जिस लहजे में बात करते हैं उससे वो वोटर से सीधे जुड़ते हैं। अपनी बात को साधारण भाषा में किसी के सामने कैसे रखा जाए। इसमें मोदी को महारथ हांसिल है।

दूर दृष्टी

मोदी को पता है कि उन्हें क्या करना है। वे दूर की सोचते हैं और बड़े फैसले लेते हैं। जिने कई मौकों पर खुद को साबित किया है। पीएम मोदी का सबका साथ- सबका विकास का नारा दिया। जिससे लोग उनके साथ जुड़ते गए। पीएम ने बिना डरे ही नोटबंदी और जीएसटी जैसे फैसले लिए। जिसके बाद कई राजनीतिक लोगों ने इसकी जमकर तारीफ की तो कई बड़े लोग इसके विरोध में नजर आए। पीएम मोदी ने विदेश में जाकर भारत की छवि को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काफी उपर पहुंचाया। जिसका असर पुलवामा हमले के बाद देखने को मिला।

मीडिया से दूरी

भले ही पीएम मोदी पिछले पांच साल में मीडिया के कैमरों पर हीरो की तरह नजर आते रहे हैं। चारों तरफ मोदी मोदी का ही शोर टीवी, अखबारों या जनसंचार के अन्य माध्यमों पर गूंजता रहा हो, लेकिन सच्चाई ये है कि मोदी ने हमेशा ही मीडिया से दूरी बनाई है। उन्होंने बहुत ही कम मीडिया से सीधे तौर पर संवाद किया है। मीडिया में भी इस बात की नाराजगी है कि वे अपनी बात मीडिया के जरिए नहीं बल्कि खुद लोगों के बीच रखते हैं। राजनीतिक लोगों की मानें तो मीडिया से दूरी मोदी की कमजोरी है।

आसाधारण ऊर्जा

68 साल उम्र में भी पीएम मोदी के काम करने की ऊर्जा उन्हें विश्वभर में नई पहचान दिलाने का काम करती है।पीएम मोदी के अंदर इतनी ऊर्जा है कि वे दिन रात काम करते हैं। इस उम्र में उनकी दिनचर्या से बड़े- बड़े राजनीति के दिग्गज भी उनके इस काम से हैरान है। ऐसा और नेताओं में कम ही देखने को मिलता है। पीएम मोदी के इस दिन रात काम करने के कल्चर से और समय की परवाह न रखने का फैसला उनके नौकर शाहों को काफी परेशान करता है।

सूट- बूट की सरकार का तमगा

साल 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार बनाई थी तो उन्होंने सबका साथ और सबका विकास का नारा दिया था, लेकिन जैसे ही वक्त गुजरता गया और विपक्ष उन पर सूट- बूट की सरकार होने का आरोप लगा दिया। जिसके बाद पीएम काफी मौकों पर खुद को साबित करते भी नजर आए। हालांकि बड़े- बड़े बिजनेस मैन के साथ नाम जुड़ने से वे खुद को इस तगमे को नहीं बचा पाए।

मोदी सरकार के खास काम:-

जन-धन योजना

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2014 में जन-धन योजना की घोषणा स्वतंत्रता दिवस के मौके पर की थी। इस योजना का मकसद देश के हर नागरिक को बैंकिंग सुविधा से जोड़ना है और इन योजना के तहत 31 करोड़ लोगों को फायदा भी मिला है। बताया जाता है कि आर्थिक जगत के क्षेत्र में ये दुनिया की सबसे बड़ी योजना है। इसने एक सप्ताह में सबसे अधिक 1,80,96,130 बैंक खाते खोलने के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया।

भ्रष्टाचार मुक्त सरकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की खास बात ये है कि सरकार के मंत्री भ्रष्टाचार से दूर रहे हैं। जिस तरह पिछली सरकार 2-जी स्कैम, कोयला स्कैम, कॉमनवेल्थ स्कैम, चॉपर स्कैम, आदर्श स्कैम के आरोपों में घिरी रही, उससे उलट मोदी सरकार में भ्रष्टाचार के मामले कम आए। हालांकि राज्य सरकारों पर घोटालों के आरोप लगे।

जीएसटी

इस नए टैक्स सिस्टम में सभी वस्तुओं के अलग अलग टैक्स नहीं देना होगा और पूरे देश में एक ही टैक्स व्यवस्था लागू की गई है। यह साल 1991 के बाद से अर्थव्यवस्था के उदारीकरण के बाद ये वित्तीय क्षेत्र में सुधार को लेकर सबसे बड़ा कदम है, जिसे लागू करने के लिए पिछली सरकार प्रयासरत थी। मोदी सरकार ने 1 जुलाई, 2017 को सामान और सेवा (जीएसटी) संसद के सेंट्रल हॉल में आधी रात को संसद के विशेष सत्र में शुरू किया।

उज्जवला योजना

यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले उन परिवारों के लिए वरदान साबित हुई है, जिनके पास गैस कनेक्शन नहीं था और उन्हें खाना बनाने के लिए कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। इस योजना के माध्यम से उन परिवारों तक एलपीजी कनेक्शन पहुंचाया गया और ग्रामीण महिलाओं को सशक्त भी किया गया। इस योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बीपीएल राशन कार्ड धारकों को मुफ्त में सेलेंडर दिया जाता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 3 करोड़ परिवार इसके लाभार्थी हैं।

डिजटल इंडिया पर जोर

मोदी सरकार ने पिछले चार सालों में डिजिटाइजेशन पर काफी जोर दिया है। अब बैंकिंग क्षेत्र से लेकर अन्य सरकारी कार्यों में डिजिटाइजेशन को बढ़ावा मिला है, जिससे लोगों को काफी राहत मिली है। इसमें मोदी सरकार की डिजिटल भुगतान को आसान बनाने बनाने वाली भीम एप भी शामिल है। इस एप के तहत पैसे सीधे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए जा सकते हैं।

मुद्रा योजना

प्रधान मंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) एक गैर-कार्पोरेट, गैर-कृषि लघु-लघु उद्यमों को 10 लाख तक की ऋण प्रदान करने के लिए शुरू की गई योजना है। ये लोन पीएमएमवाई के तहत वर्गीकृत किए गए हैं, ये ऋण वाणिज्यिक बैंक, आरआरबी, लघु वित्त बैंक, सहकारी बैंक, एमएफआई और एनबीएफसी द्वारा दिए गए हैं। उम्मीदवार इन संस्थानों से लोन ले सकते हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 23 मार्च 2018 तक कुल 2,28,144,72 करोड़ रुपए के कुल 4,53,51,509 कर्ज आवंटित किए गए हैं। योजना के तहत कुल 2,20,596।05 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। आपको बता दें कि इस योजना को 8 अप्रैल 2015 को लॉन्च किया गया था।

उड़ान

यह मोदी सरकार की अहम योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य आम आदमी को हवाई सेवा उपलब्ध कराना है। इसकी शुरुआत 2016 में की गई और करीब 128 रूट पर सस्ती दरों पर फ्लाइट उपलब्ध करवाई जा रही है।

स्वच्छ भारत अभियान

इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के पहले साल से ही की थी और उसे कामयाबी भी मिली। इस योजना के तहत पूरे देश में सफाई के लिए विशेष कार्य किए गए हैं, जिसमें शौचालय निर्माण से लेकर कचरा निस्तारण भी शामिल है।

डायरेक्ट बेनिफिट ट्रान्सफर

डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर्स के रूप में सब्सिडी सीधे बैंक खातों में जमा कराए जाने को लेकर फैसला किया गया है। इससे लीकेज और किसी हेराफेरी की गुंजाइश खत्म हुई है। पहल योजना के तहत एलपीजी सब्सिडी सीधे बैंक खातों में जमा कराई जाती है, जिसका गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी नाम दर्ज है।  इस योजना के तहत 14।62 करोड़ से अधिक लोगों को सीधे नकद सब्सिडी मिल रही है। इस योजना ने करीब 3।34 करोड़ नकली या निष्क्रिय खातों की पहचान करने और उन्हें बंद करने में भी मदद की, जिससे हजारों करोड़ रुपये की बचत हुई।

पारदर्शिता

मोदी सरकार में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए भी कई काम किए गए, जिसमें कोयला ब्लॉक आंवटन में पारदर्शी नीलामी, पर्यावरण संबंधी मंजूरियों के लिए ऑनलाइन आवेदन, कई निविदाओं के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की शुरुआत की गई। साथ ही सब्सिडी जैसी सुविधाओं में पारदर्शिता की गई।

कौशल विकास

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना कौशल विकास एवं उद्यमता मंत्रालय की ओर चलाई जाती है। इस स्कीम का उद्देश्य है देश के युवाओं को उद्योगों से जुड़ी ट्रेनिंग देना है जिससे उन्हें रोजगार पाने में मदद मिल सके। इसमें ट्रेनिंग की फीस सरकार खुद भुगतान करती है। सरकार इस स्कीम के जरिए कम पढ़े लिखे या 10वीं, 12वीं कक्षा ड्रॉप आउट युवाओं को कौशल प्रशिक्षिण देती है। सरकार ने 2020 तक एक करोड़ युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा है।

मेक इन इंडिया

मोदी सरकार ने भारत के निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मेक इन इंडिया पहल की शुरूआत की। इसके तहत कैपिटल गुड्स के साथ नई तकनीक और आधुनिकता को बढ़ावा दिया जाता है। इस स्कीम के लिए 930 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया।

तीन तलाक और हज यात्रा

तीन तलाक पर मोदी सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिसका लंबे समय से विरोध किया जा रहा था। सरकार ने लोकसभा में कई संशोधन प्रस्ताव खारिज होने के बाद ‘मुस्लिम वीमेन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज बिल’ पास करवाने का अहम कार्य किया है। वहीं सरकार ने हज पर दी जाने वाली वाली सब्सिडी इसी साल से खत्म कर दी है, यानी 2018 से हज पर जाने वालों को पूरा खर्च खुद ही वहन करना होगा। बता दें कि कई मुस्लिम संगठन सब्सिडी खत्म करवाना चाहते थे।

यहां रहे पहले नंबर पर:-

  • मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं जो फेसबुक और गूगल के अमेरिका स्थित हेडक्वार्टर गए। 27 सितंबर 2015 को वह यहां गए थे।
  • ब्रिटिश संसद को संबोधित करने वाले मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने 12 नवंबर 2015 को ब्रिटिश संसद को संबोधित किया था।
  • प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस का सामना कभी नहीं किया। पिछले पांच साल में उन्होंने एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं बुलाई। वह वन वे डॉयलॉग वाले हैं। अपनी बात वह ट्विटर हैंडल, नमो एप और मन की बात में करते हैं।
  • मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं जो 70 साल बाद बतौर पीएम इजरायल पहुंचे।
  • मोदी ने 2014 में लोकसभा में प्रवेश के वक्त संसद भवन की सीढ़ियों को नमन किया था।