लिंगराज महाप्रभु की पूजा-नीति बंद

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भुवनेश्वर. पूजा देने के लिए देश भर से श्रद्धालु जिन लिंगराज महाप्रभु के पास आते हैं आज पवित्र नवान्न लागी के अवसर पर उनकी पूजा-नीति को अब तक बन्द करके रखा गया है। लिंगराज महाप्रभु को पूजा देने वाले दो नियोग ब्रह्मण नियोग व पूजापंडा नियोग की ओर से आज एकसाथ हड़ताल कर देने की वजह से महाप्रभु को सुबह से लेकर खबर लिखे जाने तक पानी, तुलसी तक भी चढ़ाया नहीं गया है। जिसे लेकर भक्त समुदाय में काफी रोष है।
उधर दोनों नियोगों के कार्यकर्ताओं की ओर से इसके लिए मन्दिर प्रशासन व जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा गया है। पूजापंडा नियोग के काह्नु पूजापंडा का कहना है कि नूआगांव इलाके में लिंगराज महाप्रभु का कई एकड़ जमीन को कुछ लोग जबरन फर्जी दस्तावेज बनाकर प्रभावशाली लोगों को बेच दिया हैं। जिस पर अवैध तरीके से बहु मंजिला भवन निर्माण हो चुके हैं व ब्रह्मण नियोग के सम्पादक बिरंची पति ने कहा है कि इस जमीन को वाणिज्यिक काम के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है । जबकि उससे जमीन के मालिक महाप्रभु लिंगराज को एक भी पैसा नहीं मिल रहा है। दोनों नियोग की दबाव की वजह से मन्दिर प्रशासन कमिशनरेट पुलिस के पास पहुंचकर इस जमीन पर 144 धारा के तहत निर्षधाज्ञा जारी करवाया था। लेकिन कई लोगों ने निषेधाज्ञा उठ गया है दिखाकर फिर से इस जमीन को बेचने लगे व इस जमीन पर बहुमंजिला भवन खड़े होने लगे। जब मन्दिर प्रशासन की ओर से इस बारे में पुलिस को बताया गया तो जमीन को जबरदखल में रखने वालों ने मन्दिर प्रशासन के कायाद्यनर्वाही अधिकारी प्रदीप कुमार साहू को जान से मार देने की धमकी दी। साहू इस बारे में स्थानीय धउली थाने में शिकायत की है। पुलिस इस पर कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। नियोग के सदस्यों का कहना है कि कई बड़े लोग इस जमीन को लेकर वहां अपना अपना भवन खड़े कर रहे हैं।