जानें कौन सा देश हिंदू मंदिरों में बलि पर रोक लगाने को है तैयार….

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नई दिल्ली: बलि पर कई तरह के विवाद हमेशा से बने रहे है. दुनिया के कई धर्मो में बलि प्रथा अलग-अलग रूपों में मौजूद रही है. बहुत से लोग इसे गलत मानते है तो वही कुछ लोग इसे अपने धर्म का हिस्सा मान कर इसका समर्थन भी करते है. इन सब विवादों के बीच एक देश हिंदू मंदिरों में बलि पर रोक लगाने के लिए कानून बनने जा रहा है.

ये देश है श्रीलंका. हिंदू धार्मिक मामलों के मंत्री ने इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाया था और अधिकतर उदारवादी समूहों ने इसका समर्थन किया है. अब कैबिनेट भी इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. हालांकि इस प्रस्ताव में मुसलमान में मौजूद कुर्बानी प्रथा पर रोक की बात नहीं कही गई है.

आपको बता दें कि बौद्ध बहुसंख्यक आबादी वाले श्रीलंका में कई साल से हिंदू मंदिरों में होने वाली बलि प्रथा का विरोध हो रहा था. एनिमल राइट एक्ट‍िविस्ट, बौद्ध और कई उदारवादी हिंदू भी इसे अमानवीय बताते हैं. पशुओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले और बौद्ध समूह इससे नाराज़ होते हैं. यही वजह है कि अब श्रीलंका की सरकार हिंदू मंदिरों में पशु-पक्षियों की बलि पर रोक लगा रही है.

परपंरा के अनुसार श्रीलंका के कुछ मंदिरों में कुछ हिंदू अपने देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए मंदिरों में बकरा, भैंसा और मुर्गियों की बलि देते हैं. लगभग 2 करोड़ की आबादी वाले श्रीलंका में बहुसंख्यक बौद्ध बलि प्रथा में विश्वास नहीं करती है. यहां हिंदू लगभग 12 प्रतिशत हैं.

हिंदू मंदिरों में बलि पर रोक लगाएगा श्रीलंका, मुस्लिमों को आजादी

हिंदुओं के अलावा मुसलमान भी अपने धार्मिक आयोजनों में पशुओं की बलि देते हैं. श्रीलंका में तीसरी सबसे बड़ी आबादी मुसलमानों की है. हालांकि इस प्रस्ताव में उनपर रोक लगाने की बात नहीं की गई है.

आपको बता दें कि पिछले कुछ सालों में श्रीलंका में धार्मिक तनाव और हिंसा की घटनाओं में इजाफा हुआ है. मार्च में मुस्लिम विरोधी दंगों में 3 लोगों की मौत हो गई थी. कई मस्ज‍िदों, घरों, दुकानों को तहस नहस कर दिया गया था.

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इससे पहले कोर्ट के आदेश से द्वारा भी कई हिंदू मंदिरों में बलि प्रथा पर रोक लगती रही है. आपको बता दें कि श्रीलंका में कई प्रसिद्ध और खूबसूरत हिंदू मंदिरें हैं. इन मंदिरों में कई विध‍ि विधानों से पूजा की जाती है.

वैसे तो हिंदुओं की अध‍िकतर आबादी फूल, फल पत्त‍ियों से पूजा करती है. ज्यादातर हिंदूओं का बलि में विश्वास नहीं है. हालांकि कुछ मंदिरों में वार्ष‍िक आयोजनों के तहत पिछले 300 सालों से बलि प्रथा हो रही है.

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ज्यादातर उदारवादी हिंदू इसमें शामिल नहीं होते और विरोध करते हैं. हालांकि कुछ हिंदू संगठनों से प्रस्ताव को उनके धार्मिक अध‍िकार और आजादी पर वार बताया है. विरोध के बावजूद श्रीलंका सरकार इस प्रस्ताव पर आगे बढ़ती दिखाई दे रही है. जल्द ही इस पर कानून बना मंदिरों में बलि प्रथा पर रोक लगाने की कोश‍िश है.

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