कठुआ रेप केस : हिन्दू-मुस्लिम चश्मे से देखने से पहले जान लें बकरवाल समुदाय की कहानी

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स्पेशल डेस्क : देश में दो सामूहिक दुष्कर्म के मामले इन दिनों सियासी गलियों से सड़क तक सभी को झकझोर कर रख दिया है। मामले पर जहां राजनीति गरम है वहीं कठुआ का केस हिन्दू-मुस्लिम का रूप लेने लगा है। पूरे मामले को भारत समर्थक और भारत विरोधी ठहराने की साजिश हो रही है। बहुत कम लोगों को इस बात की जानकारी है कि दुष्कर्म की शिकार हुई मारी गयी मासूम जिस समुदाय से आती है वो हमेशा से ही भारत का समर्थक रहा है। इतिहास के पन्नो में आज भी इस समुदाय के भारत के सहयोग की कहानी दर्ज है।

गुज्जर बकरवाल समुदाय की बेटी

बर्बरता का शिकार हुई बच्ची गुज्जर बकरवाल समुदाय की बेटी थी। ये समुदाय जम्मू-कश्मीर की एक घूमंतू जाति है जो आमतौर पर चरवाहे के तौर पर जानी जाती है। ये समुदाय हमेशा भारत की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण काम करता रहा। पाकिस्तान की साजिशों और उन हरकतों की जानकारी देता रहा जो घाटी में सुरक्षा के लिहाज से बहुत जरूरी रही हैं। इसी समुदाय के एक शख्स की बहुत दिलचस्प कहानी है। ये कहानी 1965 की है। उस वक्त भारत पाकिस्तान के रिश्ते बहुत तनावपूर्ण थे। मोहम्मद दीन जागीर नाम के एक शख्स ने 1965 में पाकिस्तान की एक बड़ी गुप्त साजिश को खत्म करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

सेना को दी थी घुसपैठ की जानकारी

1965 में कश्‍मीर घाटी में तंगमार्ग क्षेत्र के निकट इलाके का एक गुज्जर- बकरवाल मोहम्मद दिन जागीर पहला व्यक्ति था, जिसने भारतीय अफसरों को पाकिस्तानी घुसपैठियों की उपस्थिति की जानकारी दी थी। सेना के लिए ये महत्वपूर्ण जानकारी थी। दरअसल, ये पाकिस्तानी घुसपैठी थे जो एक सीक्रेट मिशन के सिलसिले में कश्मीर पर हमला करने आए थे। लेकिन मोहम्मद दीन ने पाकिस्तानी हलचल को भांपकर भारतीय सेना को तुरंत खबरदार किया। इसके बाद पाकिस्तानी घुसपैठियों का मिशन फेल हो गया। मोहम्मद दीन जागीर के इस काम के लिए उन्हें सरकार ने पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्हें वैज्ञानिक सतीश धवन, आर्टिस्ट एमएफ हुसैन के साथ पद्मश्री दिया गया।

भोलाभाला है ये समुदाय

इस समुदाय के भोलेपन के किस्से भी मशहूर हैं। खुद इंदिरा गांधी ने मोहम्मद दीन की देश की सेवाओं के बदले पूछा था कि वह उनके लिए क्या कर सकती हैं? इस पर उन्होंने दो चीजों की मांग की थी। पहला फिलिप्स ट्रांजिस्टर और दूसरा उस लड़की से शादी करने की इच्छा जिसके पिता राजी नहीं हो रहे थे। बता दें कि साल 1990 में पाकिस्तानी आतंकियों ने मोहम्मद दीन जगीर की हत्या कर दी थी। ये समुदाय घाटी में अपने जानवर लिए घूमता है। भारतीय सेना के लिए गुप्तचर और संदेशवाहक की भूमिका भी निभाता रहा है।

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