‘PAK में जैश के नौ आतंकी शिवरों सहित सक्रिय हैं 22 ट्रेनिंग कैंप’

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वॉशिंगटन: पाकिस्तान में जैश के नौ आतंकी शिविरों सहित 22 ट्रेनिंग कैंप सक्रिय हैं, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वाशिंगटन में एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सीमा पार से आतंकवाद की घटना बंद नहीं होती है, तो तो नई दिल्ली बालाकोट हवाई हमले जैसी कार्रवाई करेगी।

बताते चलें कि पाकिस्तान के बालाकोट में दो मिनट से भी कम समय में तेज और सटीक हवाई हमले में भारत ने 26 फरवरी को जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर को तबाह कर दिया था। इसमें 350 आतंकवादी और उनके ट्रेनर्स मारे गए थे। जैश ने एक वीडियो जारी कर 14 फरवरी को पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले में किए गए आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें भारत के 40 जवान शहीद हो गए थे।

नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने कहा कि पाकिस्तान वैश्विक आतंकवाद का एक केंद्र है और उसे आतंकी संगठनों और आतंकवादियों के खिलाफ ठोस और विश्वसनीय कदम उठाने चाहिए। अधिकारी ने पाकिस्तान और उसके नेतृत्व पर इनकार करने के तरीके और दो परमाणु हथियार संपन्न राष्ट्रों के बीच युद्ध उन्माद जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि भारत द्वारा किया गया बालाकोट हवाई हमला आतंकवाद-रोधी अभियान था, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक था। हालांकि, इसके एक दिन बाद 27 फरवरी को पाकिस्तान ने 20 लड़ाकू विमानों के साथ भारतीय सैन्य प्रतिष्ठान पर हमला करने की कोशिश की थी।

हालांकि, पाकिस्तानी सेना ने बुधवार को दावा किया कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का देश में कोई वजूद नहीं है। पाक सेना का यह दावा पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के उस बयान के मात्र चार दिनों बाद आया है जब कुरैशी ने कहा था कि प्रधानमंत्री इमरान खान जैश के मुखिया मसूद अजहर के संपर्क में हैं। रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि पाकिस्तान सरकार ने गुरुवार को 182 धार्मिक स्कूलों को अपने नियंत्रण में ले लिया है।

इसके साथ ही प्रतिबंधित संगठनों के करीब 100 सदस्यों को हिरासत में लिया है। कई आतंकवादी समूहों के खिलाफ पाकिस्तान द्वारा की गई हालिया कार्रवाइयों का उल्लेख करते हुए, अधिकारी ने कहा कि इन कार्रवाइयों में कुछ भी असामान्य नहीं हैं क्योंकि भारत में हर आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान इस तरह के कदम उठाता है।

अधिकारी ने कहा कि इन कार्रवाइयों का कोई अर्थ नहीं है क्योंकि आतंकवादी नेताओं की घर गिरफ्तारी का मतलब उन्हें आरामदेह घरों में रखना होता है। जैसै ही स्थिति सामान्य हो जाएगी, उन्हें फिर रिहा कर दिया जाएगा।अधिकारी ने कहा कि पुलवामा हमले के बाद भारत ने नई नीति अपनाई है। सीमा पार से होने वाले हर आतंकी हमले के बाद भारत प्रतिक्रिया देगा और पड़ोसी देश को इसकी कीमत चुकानी होगी।

अधिकारी ने पाकिस्तान को आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देश होने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत में यह भावना है कि इस्लामाबाद आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग को बंद नहीं करना चाहता, जब तक कि उसे इसकी भारी कीमत नहीं चुकानी पड़े।