कनाडा को 5-1 से हरा कर भारत क्वार्टर फाइनल में

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भुवनेश्वर 8 दिसम्बर। भारत ने कनाडा के खिलाफ 5-1 से जीत हासिल कर क्वार्टरफाइनल में सीधा प्रवेश किया।
भारत मैच में शुरुआत में लीड हासिल करने में कामयाब रहा हालांकि कनाडा ने जब बराबरी की तो भारत को दोबारा लीड हासिल करने के लिए चौथे क्वार्टर का इंतजार करना पड़ा. तीसरे क्वार्टर में कनाडा ने अपने दमदार डिफेंस से भारत को परेशान कर दिया. वहीं चौथे क्वार्टर में भारत ने तस्वीर को उलट दिया। भारत 1-1 की बराबरी पर चौथे क्वार्टर की शुरुआत की और अंत तक लीड को 5-1 तक ले गए.।भारत की ओर से ललित ने दो, अमित रोहदास, चिग्लेनसेना और हरमनप्रीत ने एक-एक गोल किया। इस प्रकार
ओडिशा में खेले जा रहे पुरुष हॉकी विश्व कप में भारत ने पूल सी के आखिरी ग्रुप मैच में कनाडा को 5-1 हराकर शान से क्वार्टर फाइनल में अपना स्थान पक्का किया। भारतीय टीम को सीधे क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के लिए कनाडा के साथ सिर्फ ड्रॉ खेलने की जरूरत थी। लेकिन भारतीय टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए कनाडा को एकतरफा मुकाबले में हराया। पूल सी में भारतीय टीम तीन मैचों में दो जीत और एक ड्रॉ के साथ 7 अंकों के साथ शीर्ष पर रही। इस ग्रुप में बेल्जियम की टीम अपने तीन मुकाबलों में 2 जीत और 1 ड्रॉ के साथ 7 अंक लेकर दूसरे स्थान पर रही। भारत और बेल्जियम दोनों के अंक बराबर रहे लेकिन बेहतर गोल औसत के आधार पर भारतीय टीम ने शीर्ष स्थान हासिल किया। बेल्जियम ने अपने आखिरी ग्रुप मुकाबले में रूस को 5-1 से हराया।
मनप्रीत सिंह ने पहले क्वार्टर के 12वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर भारत को कनाडा पर 1-0 बढ़त दिलाई। इसके बाद दूसरे क्वार्टर का खेल बिना किसी गोल के समाप्त हुआ। इस क्वार्टर में भारतीय टीम ने कनाडा को दबाव में रखा और कई अच्छे मूव्स बनाए लेकिन गोल करने में नाकाम रही। कनाडा के खिलाड़ी भारत के खिलाफ गेंद पर नियंत्रण करने के लिए संघर्षरत दिखे। तीसरे क्वार्टर के 9वें मिनट में फ्लोरिस वैन सन ने शानदार मैदानी गोल कर स्कोर बराबर कर दिया। तीसरे क्वार्टर में भारत का प्रदर्शन बिखरा नजर आया। लेकिन खेल के चौथे और अंतिम क्वार्टर में मानों भारतीय खिलाड़ियों के अंदर बिजली का करंट दौड़ गया। इस क्वार्टर में भारत ने एक के बाद एक चार गोल ठोक दिए और कनाडा को मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
चौथे क्वार्टर में जब भारतीय टीम खेलने के लिए उतरी तो गेंद कनाडा के हाफ में ही नजर आया। कनाडा के खिलाड़ी इस क्वार्टर में सिर्फ भारतीय खिलाड़ियों को अपने डी एरिया में घुसने से रोकने के लिए संघर्ष करते रह गए। भारतीय खिलाड़ी इतने तेज थे कि उन्होंने कनाडा को काउंटर अटैक का कोई मौका ही नहीं दिया। चौथे क्वार्टर के पहले ही मिनट में उपकप्तान चिंगलेनसाना कांगुजाम ने गोल कर भारत को बढ़त दिलाई। इसके अगले ही मिनट में ललित उपाध्याय ने गोल ठोक कर भारत को 3-1 से आगे कर दिया। कनाडा की टीम अभी इन हमलों से उबरी भी नहीं थी कि अमित रोहिदास ने 51वें मिनट में भारत के लिए चौथा गोल ठोक दिया। खेल समाप्ति होने से तीन मिनट पहले यानी 57वें मिनट में ललित उपाध्याय ने मैच का अपना दूसरा और भारत का 5वां गोल दाग कनाडाई टीम के ताबूत में आखिरी कील ठोक दी।भारत मैच में शुरुआत में लीड हासिल करने में कामयाब रहा हालांकि कनाडा ने जब बराबरी की तो भारत को दोबार लीड हासिल करने के लिए चौथे क्वार्टक का इंतजार करना पड़ा. तीसरे क्वार्टर में कनाडा ने अपने दमदार डिफेंस से भारत को परेशान कर दिया. वहीं चौथे क्वार्टर में भारत ने तस्वीर को इलट दिया. भारत 1-1 की बराबरी पर चौथे क्वार्टर की शुरुआत की और अंत तक लीड को 5-1 तक ले गए. भारत की ओर से ललित ने दो, अमित रोहदास, चिग्लेनसेना और हरमनप्रीत ने एक-एक गोल किया
ओडिशा में खेले जा रहे पुरुष हॉकी विश्व कप में भारत ने पूल सी के आखिरी ग्रुप मैच में कनाडा को 5-1 हराकर शान से क्वार्टर फाइनल में अपना स्थान पक्का किया। भारतीय टीम को सीधे क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के लिए कनाडा के साथ सिर्फ ड्रॉ खेलने की जरूरत थी। लेकिन भारतीय टीम ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए कनाडा को एकतरफा मुकाबले में हराया। पूल सी में भारतीय टीम तीन मैचों में दो जीत और एक ड्रॉ के साथ 7 अंकों के साथ शीर्ष पर रही। इस ग्रुप में बेल्जियम की टीम अपने तीन मुकाबलों में 2 जीत और 1 ड्रॉ के साथ 7 अंक लेकर दूसरे स्थान पर रही। भारत और बेल्जियम दोनों के अंक बराबर रहे लेकिन बेहतर गोल औसत के आधार पर भारतीय टीम ने शीर्ष स्थान हासिल किया। बेल्जियम ने अपने आखिरी ग्रुप मुकाबले में रूस को 5-1 से हराया।

मनप्रीत सिंह ने पहले क्वार्टर के 12वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर भारत को कनाडा पर 1-0 बढ़त दिलाई। इसके बाद दूसरे क्वार्टर का खेल बिना किसी गोल के समाप्त हुआ। इस क्वार्टर में भारतीय टीम ने कनाडा को दबाव में रखा और कई अच्छे मूव्स बनाए लेकिन गोल करने में नाकाम रही। कनाडा के खिलाड़ी भारत के खिलाफ गेंद पर नियंत्रण करने के लिए संघर्षरत दिखे। तीसरे क्वार्टर के 9वें मिनट में फ्लोरिस वैन सन ने शानदार मैदानी गोल कर स्कोर बराबर कर दिया। तीसरे क्वार्टर में भारत का प्रदर्शन बिखरा नजर आया। लेकिन खेल के चौथे और अंतिम क्वार्टर में मानों भारतीय खिलाड़ियों के अंदर बिजली का करंट दौड़ गया। इस क्वार्टर में भारत ने एक के बाद एक चार गोल ठोक दिए और कनाडा को मैच में वापसी का कोई मौका नहीं दिया।

चौथे क्वार्टर में जब भारतीय टीम खेलने के लिए उतरी तो गेंद कनाडा के हाफ में ही नजर आया। कनाडा के खिलाड़ी इस क्वार्टर में सिर्फ भारतीय खिलाड़ियों को अपने डी एरिया में घुसने से रोकने के लिए संघर्ष करते रह गए। भारतीय खिलाड़ी इतने तेज थे कि उन्होंने कनाडा को काउंटर अटैक का कोई मौका ही नहीं दिया। चौथे क्वार्टर के पहले ही मिनट में उपकप्तान चिंगलेनसाना कांगुजाम ने गोल कर भारत को बढ़त दिलाई। इसके अगले ही मिनट में ललित उपाध्याय ने गोल ठोक कर भारत को 3-1 से आगे कर दिया। कनाडा की टीम अभी इन हमलों से उबरी भी नहीं थी कि अमित रोहिदास ने 51वें मिनट में भारत के लिए चौथा गोल ठोक दिया। खेल समाप्ति होने से तीन मिनट पहले यानी 57वें मिनट में ललित उपाध्याय ने मैच का अपना दूसरा और भारत का 5वां गोल दाग कनाडाई टीम के ताबूत में आखिरी कील ठोक दी।

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