सरकारी से प्राइवेट हुआ आईडीबीआई बैंक, जानिए क्या पड़ेगा असर

0
83

नई दिल्ली : अगर आप आईडीबीआई बैंक के ग्राहक हैं तो आपके लिए एक जरूरी खबर है। दरअसल, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने पब्‍लिक सेक्‍टर के आईडीबीआई बैंक को प्राइवेट सेक्‍टर के बैंक की कैटेगरी में रख दिया है। आसान भाषा में समझें तो आईडीबीआई अब प्राइवेट बैंक की तरह काम करेगा। आइए जानते हैं कि आखिर क्‍यों यह फैसला लिया गया है और इसका ग्राहकों पर क्‍या असर हो सकता है।

दरअसल, भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की कर्ज में डूबे आईडीबीआई बैंक में 51 फीसदी की हिस्सेदारी हो गई है। एलआईसी की यह हिस्‍सेदारी आईडीबीआई बैंक को कर्ज से उबारने के लिए है।

यही वजह है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने आईडीबीआई को प्राइवेट बैंक की कैटेगरी में डाल दिया है। आरबीआई ने कहा कि एलआईसी के आईडीबीआई बैंक में चुकता शेयर पूंजी का 51 प्रतिशत अधिग्रहण के बाद बैंक को निजी श्रेणी में डाला गया है। बता दें कि पब्‍लिक सेक्‍टर के बैंकों में सरकार की न्‍यूनतम 51 फीसदी की हिस्‍सेदारी होती है। बता दें कि बैंक की वेबसाइट के मुताबिक 1892 ब्रांच हैं जबकि 1407 सेंटर हैं। वहीं बैंक के 3705 एटीएम हैं। बैंक से लाखों ग्राहक जुड़े हैं।

पंजाब एंड सिंध बैंक के पूर्व चीफ जनरल मैनेजर जीएस ​बिंद्रा के मुताबिक आरबीआई के इस फैसले का ग्राहकों पर कुछ खास असर नहीं पड़ने वाला है। हालांकि प्राइवेट होने के बाद आईडीबीआई बैंक के बोर्ड को कुछ अतिरिक्‍त अधिकार जरूर मिल जाएंगे।

वहीं एसबीआई के पूर्व सीजीएम सुनील पंत ने बताया कि इस फैसले के बाद बैंक का बोर्ड स्‍वतंत्र और प्रोफेशनल बन सकता है और नियमों के अधीन ग्राहकों को फायदा पहुंचाने वाले फैसले ले सकता है। उन्‍होंने कहा कि एलआईसी भी सार्वजनिक क्षेत्र की जरूर है लेकिन वह पूर्णत: सरकारी नहीं मानी जाती है। ऐसे में सरकार का डायरेक्‍ट दखल भी नहीं रह जाएगा।

आईडीबीआई बैंक को आरबीआई के तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई रूपरेखा के अंतर्गत रखा गया है। यह कंपनियों को दिये जाने वाले लोन और शाखा विस्तार, वेतन वृद्धि के अलावा अन्य नियमित गतिविधियों पर रोक लगाता है। आईडीबीआई बैंक ने हाल ही में ग्राहकों की सुविधा को ध्‍यान में रखकर एक फैसला लिया है। इसके तहत ग्राहकों को बैंक आने वाले दिनों में एक ही मंच के जरिए बैंकिंग और बीमा सेवाएं मुहैया करा सकता है। इस वजह से बेहतर ऑपरेशंस और बेहतर फाइनेंसिंग का रास्ता खुलेगा।

बता दें कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में आईडीबीआई बैंक ने 4,185 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया है। इस दौरान बैंक की कुल आय घटकर 6,190,94 करोड़ रुपये रह गई, जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में बैंक की आय 7,125,20 करोड़ रुपये थी।