भारी बारिश की वजह से जलबंदी बने हुए हैं सैकड़ों गांव के लोग

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भुवनेश्वर.– बंगाल की खाड़ी में उठी निम्न दवाब के लिए ओड़िशा के कई इलाके में हो रही भारी बारिश की बजह से राज्य के शैकड़ों गांव में लोग जलबन्दी बनकर रह रहे हैं। कटक जिला बांकी के विलिपड़ा के साथ चार ग्रामपंचायत पानी से घिरा हुआ है । इसके लिए लगभग १० हजार लोग जलबन्दी बने हुए हैं। सुवर्णपुर के हुलहुला ब्रीज के उपर ५ फीट उ@चा पानी वहने लगा है। जिसकी बजह से इस रास्ते पर वाहनों की आवाजाही पुरी तरह से ठप हो गया है। उसी तरह सिमिलिपुर के कइ@र्आनाला में जलस्तर ५ फीट से अधीक उ@चा पर बहने लगा है। कइ@आनाल ब्रीज शिमिलिपुर व बिलिपड़ा के लिए एक संयोग की सेतू है। उसी तरह बिलिपड़ा से तालवस्त को संयोग करने वाली रास्ता पर भी ३ फीट उ@चे में पानी बह रहा है। कइ@मुंडी, शुखुआखेला, कुषपंगी आदी इलाके में जलभराव की स्थिति है। हजारों लोग जलबन्दी बने हुए हैं।
इइ समय हीराकुद के २० गेट खोल दिये गये हैं। जिससे महानदी का जलस्तर बढते रहने की बजह स निचले इलाके में बाढ की स्तिति लगी हुई है। इस समय बौध में महानदी खतरे की निशानी के पास बह रहा है। बौध जिले के जगन्नाथ सड़क पर ४ फीट उ@चा पानी वह रहा है। हरभंगा से बौध के बीच सम्पर्क पुरी तरह से टूट चुका है। बौध जिले के कई गांव के लोग जलवन्दी बनकर रह रहे हैं।
उधर पुरी जिले के प्रसिद्ध लोकनाथ मन्दिर में पानी घुस जाने की बजह से महाप्रभु का प्रतिमा पानी से घिर गये हंै। भक्त अन्दर जा कर पूजा नहीं कर पा रहे हैं। सेवायतों ने बताया कि पानी बाढ की पानी मंदिर के अन्दर घुसने के साथ एक छोटा मगरमछ मी मन्दिर के अन्दर घुस गया है। पुरी के उपजिलाधिश भवतारण साहू ने भी माना है कि मन्दिर के अन्दर जलभराव की स्थिति है। साहू के मुताविक वह देख रहे हैं। जल्द ही अग्निशम विभाग को मन्दिर से पानी निकालने के लिए कहा जाएगा।
पुरी जिले के कणास इलाके में ब्लाक के कई गांव में भी पानी घुस चुका है। हीराकुद जलभंडार के २० गेट खोल दिये जाने के बाद महानदी के सारे उपनदी का जलस्तर बढ गया है। स्थानीय राजुआ नदी का जलस्तर भी उफान पर है।
खुर्धा जिले के ओरबर सिंह, िड़हखला, मानपुर, ओरमी व रायपुर ग्रामपंचायत का सम्पर्क बाढ के लिए बाहर के जगत से पूरी तरह से टूट गया है। इसमें २० गांव के लोग जलवन्दी हो गये हैं। सोमवार की रात में घर में पानी घुस जाने की बजह से लोग अपने अपने सामान नहीं निकल पाये थे। वह सारे भीग गये हैं। विशेषकर घरमें खाने के लिए रखे गये धान, चावल सबकुछ भीग गया है।
हीराकुद जलभंडार में आज दिन के १२ बजे तक ६२५.३९ फीट तक पहु@च चुका था। जबकि जलभंडार का जलधारण की क्षमता ६३० फीट है। १२ बजे जलभंड़ार को ३ लाख ५४ हजार ५६९ क्यूसेक जल हर सेकण्ड प्रवेश कर रहा था। जबकि कुल २० गेट के जरिये ३ लाख ४१ हजार ८६४ क्यूसेक पानी छोश्रा जा रहा था।