कितना कारगरः नए मोटर वीकल एक्ट के विरोध में देशभर में आंदोलन की तैयारी

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नई दिल्ली : मोटर वीकल एक्ट में बदलाव कर भारी भरकम जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इसकी सीधी मार उन करोड़ों लोगों पर पड़ी है। जो रोजाना आॅटो-टैंपों से सफर करते हैं। वाहन चालकों ने नए नियम लागू होने के बाद किराया बढ़ा दिया है। वहीं देशभर में वाहन चालक इस नए नियम के खिलाफ आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। दिल्ली में ट्रांसपोर्टर्स के कुछ संगठनों ने संघर्ष समिति बना ली है, वहीं दूसरे संगठन अपनी रणनीति को लेकर जल्द ही फैसला करने की बात कह रहे हैं। ऑटो-टैक्सी, ग्रामीण सेवा और दूसरी मिनी बसों के एक ग्रुप ने संघर्ष समिति बनाने का ऐलान करते हुए 9 सितंबर को सांकेतिक हड़ताल की चेतावनी दी है।

क्यों चुकाए जुर्माना

गौरतलब है कि नए नियमों के तहत वाहनों पर इस कदर जुर्माना किया जा रहा है कि चालान की राशि वाहन की राशि से भी ज्यादा बैठ रही है। मंगलवार को ही दिल्ली में एक स्कूटी का 23 हजार का जुर्माना किया गया। वाहन स्वामी का कहना है कि मेरी स्कूटी की कीमत 15 हजार रूपए है और वह 23 हजार जुर्माना चुकाने की हालत में नहीं है। ऐसे में सरकार के खजाने में कंडम वाहनों की कतार लगने का अंदेशा भी लगाया जा रहा है। जिसे संभालना पुलिस अधिकारियों के लिए टेढ़ी खीर साबित हो सकता है।

क्या पहले नहीं थे नियम

सरकार की तरफ से ओवरलोडिंग पहले ही बंद थी। लेकिन नए नियम लागू होने के बाद ओवरलोडिंग का सहारा लेकर सवारी वाहन चालकों ने अपने किराये में बढ़ोतरी कर दी। नियम पहले भी थे, ओवरलोडिंग न करने के। लेकिन आज क्यों ये सवारी वाहन चालक किराया बढ़ा रहे हैं। यह इस बात को दर्शाता है कि सरकारी अधिकारी जो इस व्यवस्था में लगाए गए थे वह ठीक ढ़ग से काम नहीं कर रहे थे।