पेट्रोल-डीजल में सरकार को होरहा था हर दिन 5 करोड़ 14 लाख रूपये का घाटा

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भुवनेश्वर.- अंधाधुंध जुर्माना के डर से लोगों की ओर से सड़क पर वाहन न दौड़ाने की बजह से राज्य के पैट्रोल पम्पों में पैट्रोल व डीजल बिक्री कम हो जाने की बजह से पिछले ९ दिनों में सरकारों (राज्य व केन्द्र )को ४६ करोड रूपये का घाटा उठाना पड़ा है। यह सूचना उत्कल पैट्रोलियम डिलर एसोसिएसन (यूपीडीए) की ओर से मिली है। पिछले १ सितम्बर से हर दिन दोनों सरकार को ५ करोड़ १४ लाख रूपये का घाटा(वैट व उत्पाद या एक्साईज शुल्क में) उठाना पड़ रहा था। यह घाटा केन्द्र व राज्य दोनों सरकारों को एक्साइज ड्यूटी व वैट आदी के रूप से गंवाना पड़ा है। सोमवार को मुख्यमन्त्री नवीन पटनायक ने अगले तीन माह तक जुर्माना स्थगित रखने का ऐलान कर चुके हैं।
एक हिसाव के मुताविक राज्य में जबसे संशोधित मोटर यान कानून को लागु किया गया है तब से पैट्रोल डीजल की बिक्री में १५ प्रतिशत की कमी आई है। सड़क पर वाहनों की संख्या में कमी आने की बजह से पैट्रोल डीजल की बिक्री में कमी आई है। १ सितम्बर से पहले राज्य में पैट्रोल हर दिन २७.१२ लाख लीटर बेचता था। जबसे संशोधित कानून लागू की गई है तब से इसकी बिक्री ४.०८ लाख लीटर कम हो गई है। उसी तरह डीजल हर दिन ८३ लाख लीटर बेचता था। जो कि १२.४५ लाख लीटर कम हो गया। इससे ओडिशा सरकार का वैट के रूप से हर दिन पैट्रोल में ५८ लाख रूपये व डीजल में १.७८ करोड रूपये कम मिलने लगे। उसी तरह केन्द्र सरकार को हर दिन पैट्रोल में ८१ लाख रूपये व डीजल में १.९७ करोड का घाटा केन्द्रीय उत्पाद शुल्क(सेंट्राल एकस्ाइज) में उठाना पड़ रहा था।
वतादें कि ओिड़शा को पैट्रोलियम सामान से २६ प्रतिशत राशी वैट के रूप से मिलता है। सरकार को एक लीटर पैट्रोल में १४ रूपया १९ पैसा व एक लीटर डीजल में १४ रूपये २९ पैसा मिलता है।