केरल में भारी बारिश के बाद 24 बांधों के गेट खोले गए, एयरपोर्ट में घुसा पानी, 26 की मौत

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नई दिल्ली। केरल में भारी बारिश और भूस्खलन से 24 घंटों के दौरान 26 लोगों की मौत हो गई। बढ़ते जलस्तर को देखते राज्य के 24 बांधों के गेट खोलने पड़े हैं। जबकि कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पानी भरने के कारण यहां आने वाली उड़ानों को दो घंटे तक नहीं उतरने दिया गया।

तीन जिलों में सेना तैनात कर दी गई है, जबकि दो अन्य जिलों में भेजी जा रही है। वहीं राज्य में बारिश और बाढ़ की भयावहता को देखते हुए प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री विजयन से बात करके हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है। पिछले दो दिनों में 10 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, भारी बारिश और भूस्खलन से इडुक्की और मलप्पुरम जिले में 17 लोगों की मौत हुई है। इडुक्की में एक ही परिवार के पांच लोगों की जान गई है। राहत और बचाव कार्य में मदद के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की चार टीमें चेन्नई से केरल भेजी गई हैं। बेंगलुरु से सेना की टुकड़ी भी भेजी गई है। केंद्र सरकार का एक अंतर मंत्रालयी दल भी बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहा है।

कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (सीआइएएल) के प्रवक्ता ने बताया कि एहतियात के तौर पर गुरुवार दोपहर 1.10 बजे एयरपोर्ट पर आने वाली फ्लाइटों को उतरने से रोक दिया गया था। दोपहर 3.05 बजे फिर संचालन शुरू कर दिया गया। सीआइएएल पेरियार नदी के निकट स्थित है।

26 साल में पहली बार खोले बांध के गेट

भारी बारिश से इदुक्की जलाशय के चेरुथनी बांध के गेट 26 साल में पहली बार खोलने पड़े। इसे एशिया का सबसे बड़ा आर्च बांध माना जाता है। गुरुवार सुबह इससे 600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पर्यटकों को बांध के नजदीक नहीं जाने की सलाह दी गई है।

सीएम ने सेना से मदद मांगी

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बताया कि सेना, नेवी और तटरक्षक बल से मदद मांगी गई है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की छह अतिरिक्त कंपनियां भेजने को कहा गया है। राज्य ने केंद्र सरकार से आर्थिक मदद भी मांगी है। 11 अगस्त से होने वाली नेहरू ट्राफी नौका दौड़ को रद दिया गया है।

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