देशभर में गणेश चतुर्थी की धूम, राष्ट्रपति और पीएम ने दी बधाई

0
148

नई दिल्ली: आज से गणेश चतुर्थी की शुरुआत हो रही है जो 23 सिंतबर तक चलेगी. इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और पीएम मोदी ने देशवासियों को गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर शुभकामनाएं दी है.

देशभर में इस खास त्यौहारों को बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है लेकिन मुंबई में इस त्यौहार को बड़े ही खास अंदाज में मनाया जाता है. 10 दिन तक चलने वाले इस त्यौहार में मुंबई की गलियां गणेश पंडालों से पट जाती हैं. सभी गणेश पंडालों में 10 से 30 मीटर तक की ऊंची मूर्तियां रखी जाती हैं. पंडालों को बिजली के झालरों और फूलों से सजाया जाता है.

http://

मुंबई का लालबाग पंडाल मशहूर

मुंबई का लालबाग का पंडाल सबसे ज्यादा मशहूर है. इस मंडल को 1934 में बनाया गया था, जहां 10 लाख से भी ज्यादा भक्त गणपति बप्पा के दर्शन के लिए घंटों लाइन में लगे रहते हैं. कभी-कभी तो दर्शन करने में 24 घंटे से भी ज्यादा समय लग जाता है. चारों तरफ बस गणपति बप्पा मोरया! मंगलमूर्ति मोरया! यही गूंज सुनाई दे रही होती है. दर्शन के लिए यहां दो लाइनें होती है.

http://

गणेश चतुर्थी पूजा का शुभ मुहूर्त

आज गणेज जी की पूजा का समय सुबह 11:03 से दोपहर 13:30 तक हैं. तो वहीं चंद्रमा नहीं देखने का समय सुबह 9:31 से रात 21:12 तक है.

धार्मिक मान्यता है कि गणेश जी की पूजा करने से किसी भी शुभ कार्य में कोई विघ्न, बाधा नहीं आती है. इसलिए हर कार्य में सबसे पहले गणपति की पूजा करने का विधान है.

ऐसे करें स्थापित

गणपति को घर में स्थापित करने से पहले पूजा स्थल की सफाई करें. फिर एक साफ चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर अक्षत रखें और गणपति को स्थापित करें. इसके बाद गणपति को दूर्वा या पान के पत्ते की सहायता से गंगाजल से स्नान कराएं. पीले वस्त्र गणपति को अर्पित करें या मोली को वस्त्र मानकर अर्पित करें. इसके बाद रोली से तिलक कर अक्षत लगाएं, फूल चढ़ाएं और मिष्ठान का भोग लगाएं.

इन चीजों का खास ध्यान रखें

  • जल से भरा हुआ कलश गणेश जी के बाएं रखें
  • चावल या गेहूं के ऊपर स्थापित करें
  • कलश पर मौली बांधें एवं आमपत्र के साथ एक नारियल उसके मुख पर रखें
  • गणेश जी के स्थान के सीधे हाथ की तरफ घी का दीपक एवं दक्षिणावर्ती शंख रखें
  • गणेश जी का जन्म मध्याह्न में हुआ था, इसलिए मध्याह्न में ही प्रतिष्ठापित करें
  • 10 दिन तक नियमित समय पर आरती करें
  • पूजा का समय नियत रखें। जाप माला की संख्या भी नियत ही रखें
  • गणेश जी के सम्मुख बैठकर उनसे संवाद करें, मंत्रों का जाप करें, अपने कष्ट कहें
  • शिव परिवार की आराधना अवश्य करें यानी भगवान शंकर और पार्वती जी का ध्यान अवश्य करें

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here