इस वजह से ओडिशा में महिलाएं अपने बच्चों का नाम रख रही हैं ‘तितली’

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भुवनेश्वर: देश के कई राज्यों में तबाही मचाने के बाद अब ‘तितली’ तूफान शांत हो गया है। ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में ‘तितली’ से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं, ओडिशा में इस तूफान का इतना असर हुआ है लोगों ने अपने बच्चों के नाम ‘तितली’ तूफान के नाम पर रखना शुरू कर दिया है।

राज्य के तटीय इलाके में भीषण तूफान का प्रभाव झेलने के बाद कई गर्भवती महिलाओं ने विषम परिस्थितियों में शिशुओं को जन्म दिया। इसीलिए यह महिलाएं अपने बच्चों के जन्म को यादगार बनाने के लिए उनका नाम ‘तितली’ रख रही हैं।

पारादीप की बीस वर्षीय अलेम्मा ने जुडवां बच्चों को जन्म दिया है। अलेम्मा अपनी बेटियों का नाम तितली रखना चाहती हैं। अलेम्मा कहती है, ‘मैं अपनी बेटियों का नाम तितली रखना चाहती हूं।’ प्लुरुगाडा में रहने वाली बिमला दास ने भी एक बच्ची को जन्म दिया है ये उनका तीसरा बच्चा है वो भी अपनी बच्ची का नाम तितली ही रखना चाहती हैं।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) उस्का में बुधवार की रात से लेकर गुरुवार सुबह 11 बजे के बीच नौ बच्चे पैदा हुए थे और ये सभी लड़कियां हैं। अस्पताल के स्त्री रोग विशेषज्ञ मोहन बराक ने कहा, हमने बुधवार मध्यरात्रि के बाद जन्म लेने वाले बच्चों को तितली नाम देने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि कलशुता गांव की गीतांजलि गौड़ा ने करीब 2.10 बजे एक बच्ची को जन्म दिया। बच्ची के माता-पिता ने खुशी से हमारा प्रस्ताव स्वीकार कर लिया और बच्ची को तितली नाम दिया।

मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी (सीडीएमओ) गंजम, सदानंद मिश्रा ने कहा कि उन्होंने सुरक्षित प्रसव के लिए जिले के विभिन्न अस्पतालों में 100 से अधिक गर्भवती महिलाओं को भर्ती करवाया था। उनमें से 64 महिलाओं ने बुधवार रात के समय और गुरुवार की सुबह बच्चों को जन्म दिया।

मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी सीडीएमओ, जगतसिंहपुर अशोक पटनायक ने कहा ‘मैं समझता हूं कि जिन माता-पिता ने अपनी नवजात बेटियों को तितली के रूप में नामित किया है। यह एक अच्छा नाम है। यह पहली बार नही हुआ है जब ओडिशा के लोगों ने चक्रवात के बाद बच्चों को नाम दिया है। 1999 में भी सुपर चक्रवात के दौरान, लगभग 10,000 लोग मारे गए थे लेकिन इस आपदा के बाद भी माता-पिता ने अपने बच्चों को नाम दिया था।’