अस्पताल में लगी आग, प्रसूता व परिजनों ने सड़क पर गुजारी रात

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भुवनेश्वर। बुधवार आधीरात को जगतसिंहपुर जिला अस्पताल के प्रसूता वार्ड में आग लग गई। जिससे डर के मारे वार्ड के सभी मरीज व उनके रिश्तेदार वार्ड छोड़कर भाग गए। आज सुबह तक वह अन्दर न जाकर अस्पताल के सामने सड़क व अस्पताल के बरामदे में रात गुजारी। प्रसूता वार्ड की एक फैन व दूसरे सामान जल गये हैंे। अस्पताल के अधिकारियों ने आज प्रसूता व उनके परिवारजनों को समझाबुझाकर फिर से वार्ड में वापस ले जाने में कामयाब तो हुए हैं लेकिन मरिजों के मन में अभी भी डर है। वार्ड के जो सामान जल गये हैं उसे अबतक बदलने की कोशिश नहीं हुई है।
प्रसूताओं के परिजनों के मुताबिक कल आधीरात को अस्पताल में जोरदार विस्फोट हुआ। जिसकी वजह से सारे अस्पताल में अफरातफरी मच गई थी। लोग बाहर निकलकर चिल्ला चिल्लाकर सबको बाहर निकलजाने के लिए बुलाने लगे थे। सूचना मिलने के बाद जगतसिंहपुर से अग्निशमन कर्मचारी मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया। लेकिन इस घटना से आज भी अस्पताल में लोग सहमें हुए हैं। कुछ दिन पहले भुवनेश्वर के एक निजी अस्पताल में इसी शाटसर्किट से आग लग जाने की वजह से ३० मरीज बड़ी दर्दनाक स्थिति से मारे गये थे। विशेषज्ञों का कहना है कि शार्ट सर्किट से आग लगने की एक बड़ी वजह यह है कि राज्य के विभिन्न अस्पताल में जो बिजली की वेयारिंग हुए थे वह काफी पुराने हो चुके हैं। पुराने तार व कलपुर्जों को समय समय पर परिवर्तित किया जाना चाहिये जो कि नहीं हो रहा है।
राज्य के स्वास्थ्य मन्त्री नव किशोर दास ने आज कहा है कि राज्य के हर सरकारी अस्पताल में मो सरकार व निर्मल योजना लागू की जाएगी। रोगियों को अच्छी स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए एक टीम का गठन किया जाएगा। यह टीम अस्पताल को आ रहे रागियों से उनके समस्या के बारे में पूछेंगी। तब अस्पताल में और कोई समस्या नहीं रहेगी।