जो कुछ चल रहा है सबकी भलाई के लिए हो रहा है: न्यायमित्र

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भुवनेश्वर. इस समय पुरी जगन्नाथ मन्दिर के चारों ओर 75 मीटर के अन्दर जो उच्छेद प्रक्रिया जारी है उसमें कुछ खराबी नहीं है। यह सबकी भलाई के लिए किया जा रहा है। इस कार्य में सबको साथ देना चाहिये। यह बात जगन्नाथ मन्दिर के लिए सुप्रीमकोर्ट की ओर से नियुक्त न्यायमित्र (आमीकस क्यूरी) रंजित कुमार ने कही है।
शुक्रवार को न्यायमित्र रंजित कुमार भुवनेश्वर पहुंचे थे। आज सुबह उन्होने पुरी जाकर जगन्नाथ का दर्शन करने के साथ मन्दिर के चाहाणी मंडप, उत्तर द्वार व पूर्व द्वार आदि पर खड़े होकर चारों और नजर डाली। मन्दिर से निकल कर वह तोड़े जा चुके एमार मठ को गये। मठ से आकर गजपति महाराजा दिव्यसिंह देव व मन्दिर प्रशासन के साथ बैठक की थी। हर बैठक में सलीसीटर जेनेराल तुषार मेहेट्टा व राज्य के महाधिवक्ता(एडवोकेट जेनरल) अशोक परिजा भी रहते थे। बैठक के बाद कुमार ने पत्रकारों से कहा है कि सुप्रीम कोर्ट से निर्देश मिलने के बाद हम लोग यहां आये थे। हमने सब जगह को देखा, मैनेजिंग कमेटी के साथ बात की। इसके बाद हमें लग रहा है कि राज्य सरकार जो कदम उठा रही है वह एकदम सही है। क्योंकि अगले साल पुरी में नागार्जुन बेश होने वाला है। इसके लिए पुरी में 15 लाख श्रद्धालु एकत्र होंगे। यह 25 साल में एक बार होती है। उनके लिए उत्तम व्यवस्था होना चाहिये। फिर राज्य सरकार यह उच्छेद कार्य सबको पूछ के कर रही हैं , किसी का जबरन उच्छेद नहीं किया जा रहा है। इससे पुरी का नाम होगा, अधिक लोग आएंगे , जगन्नाथ संस्कृति का प्रचार प्रसार होगा, जगन्नाथ का नाम ओर उंचा होगा। इसलिए सबको इस काम में सहयोग देना चाहिये।
लेकिन न्यायमित्र की इस बात को पुरी सुरक्षा मंच, सेवायत संगठन, दईतापति नियोग कोई भी स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। पुरी सुरक्षा मंच के संयोजक दामोदर प्रधानी ने इस बात से आश्चर्य प्रकट किया है कि सुप्रीम कोर्ट न्यायाम्त्र उनसे बात तक करना ठीक नहीं समझा, न्यायमित्र को जो लोग प्रभावित हो रहे हैं व जो लोग उच्छेद प्रक्रिया को विरोध कर रहे हैं उनसे बात करना चाहिये था। किसी से बात न करके न्यायमित्र यह कैसे कह सकते हैं कि किसी को जबरन उच्छेद नहीं किया जा रहा है।