CWG 2018: साइना ने सिंधु को हराकर भारत के नाम किया गोल्ड

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गोल्ड कोस्ट: साइना नेहवाल ने अपने आक्रामक खेल के सामने पी वी सिंधू की सारी कोशिशों को नाकाम करके, आज यहां राष्ट्रमंडल खेलों में महिला एकल का स्वर्ण पदक जीता। आज के मैच से पहले सिंधू पर 3-1 का रिकार्ड रखने वाली साइना ने फिर से अपनी प्रतिद्वंद्वी पर अपना दबदबा साबित किया और एक घंटे तक चले मैच में 21-18, 23-21 से जीत दर्ज की। इस जीत से साइना का वर्तमान राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार अभियान का भी अंत हुआ।

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दोनों खिलाडिय़ों की अलग-अलग रणनीति

साइना ने भारत को इससे पहले टीम चैंपियनशिप का स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। सिंधू की चोट के कारण उन्हें टीम स्पर्धा में प्रत्येक एकल मैच खेलना पड़ा था। मैच में दोनों खिलाडिय़ों ने अच्छी शुरूआत की लेकिन धीरे-धीरे साइना ने दबदबा बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने कोर्ट पर आक्रामकता दिखाई। सिंधू के कुछ करारे स्मैश का हालांकि उनके पास जवाब नहीं था। दूसरी तरफ सिंधू को साइना के सधे हुए शाट से जूझना पड़ा। लंदन ओलम्पिक की कांस्य पदक विजेता ने पहले गेम में 9-4 की बढ़त बनायी। इसके बाद भी उन्होंने अंतर बनाए रखा और नेट के साथ-साथ बेसलाइन पर भी अपनी पकड़ बना दी। दोनों खिलाडिय़ों की अलग-अलग शैली के कारण मैच रोमांचक बन गया था।

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सिंधू अपने शाट पर ताकत तो लगा रही थी लेकिन उन पर उसका नियंत्रण नहीं था। उन्होंने शटल बाहर मारकर कम से कम 4 अंक गंवाए और वह ब्रेक तक 6-11 से पीछे चल रही थी। ब्रेक के बाद सिंधू ने अच्छी वापसी की लेकिन उनका स्ट्रोकप्ले साइना की तरह सधा हुआ नहीं था। साइना ने इसके अलावा प्रभावी तरीके से कोर्ट को भी संभाला। साइना जब 20-14 से आगे थी तब सिंधू ने अपना नैर्सिगक खेल दिखाया और वह 18-20 से अंतर कम करने में सफल रही। साइना ने हालांकि 23 मिनट में पहला गेम अपने नाम किया।

दूसरे गेम में सिंधू ने अपने स्मैश में सुधार किया और कोर्ट पर कवरेज भी उनकी बेहतर थी जिससे वह 9-7 से आगे हो गई जिसे ब्रेक तक उन्होंने 13-8 कर दिया। स्टेडियम खचाखच भरा था और दर्शकों को दो भारतीय खिलाडिय़ों के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। सिंधू एक समय 19-16 से आगे थे लेकिन 64 स्ट्रोक की रैली से यह 18-19 हो गया। साइना ने इसके बाद स्कोर 19-19 से बराबर किया लेकिन सिंधू फिर से 20-19 से बढ़त बनाने में सफल रही। उनके पास पहली बार गेम प्वाइंट था। उन्होंने हालांकि शाट बाहर मार दिया जिससे साइना ने स्कोर बराबर कर दिया।

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साइना का आखिरी दांव

इसके बाद जब सिंधू का रिटर्न बाहर गया तो साइना के पास चैंपियनशिप प्वाइंट था लेकिन कोई भी खिलाड़ी हार मानने को तैयार नहीं थी और स्कोर फिर से 21-21 से बराबर हो गया। लेकिन साइना के क्रास कोर्ट स्मैश का सिंधू के पास जवाब नहीं था। इसके बाद स्वर्ण पदक के लिए र्सिवस करते हुए साइना ने सिंधू को शाट बाहर मारने के लिए मजबूर किया और फिर जीत का जश्न मनाने लगी।

गोल्ड कोस्ट में खत्म हुआ भारत का सफर, पुरुषों ने भी रचा इतिहास

21वें कॉमवेल्थ गेम्स के आखिरी दिन भारतीय खिलाड़ी ने फिर से शानदार प्रदर्शन किया। आखिरी दिन भारतीय खिलाड़ियों ने दम दिखाया और उम्मीदों पर खरे उतरते हुए ग्लास्गो के 64 पदकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। कुल मिलाकर भारत ने 66 पदक जीते। इनमें 26 स्वर्ण, 20 रजत और 20 कांस्य पदक शामिल हैं। कॉमनवेल्थ खेलों में ये भारत का अभी तक का तीसरा सर्वश्रेस्ट प्रदर्शन रहा। खेलों और 10वें दिन का आखिरी पदक बैडमिंटन पुरुष डबल्स में सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की फाइनल में हार के साथ रजत के रूप में आया।

तीसरे स्थान पर भारत

गोल्ड कोस्ट में भारत के नाम कुल 66 मेडल रहे। भारतीय खिलाड़ियों ने 26 गोल्ड, 20 सिल्वर और 20 ब्रॉन्ज मेडल जीते। पदक तालिका में भारत तीसरे स्थान पर रहा। भारत से पहले 45 गोल्ड और कुल 136 पदकों के साथ इंग्लैंड दूसरे तो पहले स्थान पर ऑस्ट्रेलिया रहा। ऑस्ट्रेलिया ने 80 गोल्ड मेडल के साथ कुल 197 मेडल जीते।

भारत का तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

गोल्ड कोस्ट में आए 66 मेडल भारत का तीसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। भारत ने सबसे ज़्यादा कुल 101 मेडल दिल्ली में 2010 में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में जीते थे। दिल्ली में भारत ने 38 गोल्ड, 27 सिल्वर और 36 ब्रॉन्ज़ मेडल जीते थे। इससे पहले 2002 में मेनचेस्टर में खेले गए कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने कुल 69 मेडल हासिल किए थे। मेनचेस्टर में भारत के नाम 30 गोल्ड, 22 सिल्वर और 17 ब्रॉन्ज़ मेडल रहे थे।

श्रीकांत ने भी जीता रजत

किदांबी श्रीकांत स्वर्ण पदक जीतने में नाकाम रहे। 3 सेट तक चले कड़े मुकाबले में मलेशिया के ली चोंग वी ने 21-19, 14-21, 14-21 से मात देकर स्वर्ण पदक पर कब्जा किया, वहीं श्रीकांत को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। पहला सेट 23 मिनट, दूसरा सेट 21 मिनट और तीसरा सेट भी 21 मिनट चला।

बैडमिंटन में आया ब्रॉन्ज़

दिन की शुरुआत में टेबल टेनिस के मिक्स्ड डबल्स मुकाबले में भारत को ब्रॉन्ज मेडल मिला। मनिका बत्रा और जी.साथियान की जोड़ी ने हमवतन अचंत शरत कमल और मौमा दास की जोड़ी को 11-6, 11-2, 11-4 से हराया। इन कॉमनवेल्थ गेम्स में मनिका बत्रा का यह चौथा मेडल है।

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