बुलंदशहर हिंसाः जानें कौन है जीतू फौजी, क्यों ढूंढ रही पुलिस

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बुलंदशहर: यूपी के बुलंदशहर में कथित गोकशी के बाद हुई हिंसा की एफआईआर में आरोपी नंबर 11 का नाम सामने आने से मामले में नया मोड़ आ गया है। आरोपी की पहचान जीतेंद्र सिंह उर्फ जीतू फौजी के रूप में हुई है और वह भारतीय सेना का जवान है जो कश्मीर में तैनात है। घटना वाले दिन से ही वह फरार है जिसे ढूंढने के लिए पुलिस की एक टीम जम्मू-कश्मीर भेजी जा चुकी है।

यूपी पुलिस के सूत्रों ने बताया कि जीतू को हिंसा के कई विडियो में देखा गया है। मामले की जांच के लिए गठित की गई एसआईटी हिंसा के 14 विडियो क्लिप की जांच कर रही है। साथ ही आरोपियों और गवाहों के बयान भी रेकॉर्ड कर रही है। इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की हत्या में शामिल आरोपी जवान की तलाश के लिए जम्मू-कश्मीर में यूपी पुलिस की एक टीम शुक्रवार को पहुंची। भारतीय सेना ने भी इस बात की पुष्टि की और पुलिस को पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया।

सूत्रों का कहना है कि यूपी पुलिस की टीम उधमपुर बेस्ड नॉर्दन कमांड के कई उच्च अधिकारियों से मिली। सूत्रों ने कहा, ‘हमने (सेना) यूपी पुलिस को जांच करने में मदद का आश्वासन दिया है जो अभी जारी है। हालांकि पुलिस उचित समय पर आरोपी की सही पहचान होने के बाद अधिक जानकारी देगी।’ मिली जानकारी के मुताबीक शुक्रवार को फौजी जीतू के पैतृक गांव स्याना तहसील के महाव गांव का दौरा किया। जहां उसके अंकल ब्रह्म सिंह ने पुष्टि की कि जीतू हिंसा वाली जगह पर मौजूद था।

4 साल पहले सेना में भर्ती हुआ था
पुलिस के पास जीतू फौजी का कोई आपराधिक रेकॉर्ड नहीं है। बताया जा रहा है कि उसने इंटर कॉलेज चित्सौना से हाईस्कूल तक पढ़ाई की। इसके बाद पब्लिक इंटर कॉलेज स्याना से 12वीं की परीक्षा पास की। फिर कुछ समय घनसूरपुर कॉलेज से भी पढ़ा। जीतू की उम्र 24 साल के आसपास बताई जा रही है जो 4 साल पहले ही सेना में भर्ती हुआ था। जीतू शादीशुदा है और उसका 10 महीने का एक बच्चा भी है। गांव के लोगों ने बताया कि जब से वह सेना में भर्ती हुआ है तबसे छुट्टियों में ही घर आता था।

दंगा, आगजनी और हत्या का आरोप
यूपी आईजी (क्राइम) एस. के. भगत ने कहा कि जीतू का नाम स्याना में दंगे, आगजनी और हत्या के सिलसिले में लिखी गई मूल FIR में आरोपी के तौर पर शामिल है। मूल एफआईआर में जीतू का जिक्र आरोपी नंबर 11 के तौर पर है और उसका नाम जीतू फौजी पुत्र राजपाल सिंह लिखा हुआ है। मेरठ जोन के एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा, ‘जीतू का नाम एफआईआर में दर्ज है और उसे पकड़ने के लिए टीमें जम्‍मू भेज दी गई है। वह 27 नामजद लोगों में से एक है। अन्‍य पुलिस अधिकारियों ने भी जीतू के पुलिस इंस्‍पेक्‍टर की हत्‍या में सीधे शामिल होने के दावे को खारिज कर दिया है।

‘…तो उसे भी गोली मार दो’
ब्रह्म सिंह का बेटा और जीतू का चचेरा भाई गुड्डू भी मामले में आरोपी है। हालांकि जीतू की मां का कहना है कि उन्हें यकीन नहीं है कि उनका बेटा इंस्पेक्टर की जान ले सकता है। हालांकि उनका कहना है कि अगर उनके बेटे ने इंस्‍पेक्‍टर को गोली मारी है तो उसे भी गोली मार दो। उन्‍होंने आरोप लगाया कि उनकी बहू का जेवर लूट लिया गया है और बेइज्‍जती हुई है। वह केस करेंगी। ब्रह्म सिंह ने बताया, ‘जीतू, गुड्डू और गांव के लोग उस दिन प्रदर्शन वाली जगह में मौजूद थे और फिर बाद में भाग गए। पुलिस की कार्रवाई की डर से कोई वापस नहीं लौटा है।’

जीतू के परिजनों को पुलिस दे रही यातनाएं- ब्रह्म सिंह
ब्रह्म सिंह का आरोप है कि पुलिस ने उनके सही ठिकाने का पता लगाने के लिए बर्बरता का सहारा ले रही है और महिलाओं-बुजुर्गों को यातनाएं दे रही है। जीतू का बड़ा भाई धर्मेंद्र मलिक भी सेना में हैं और शनिवार को वह घर वापस लौट रहे हैं। शुक्रवार को एसआईटी ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनकी पहचान रोहित, सोनू, चंद्रपाल, कुलदीप और जितेंदर उर्फ लाला के रूप में की है।

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