काला हिरण शिकार मामले में कोर्ट ने सैफ अली, तबू, नीलम, सोनाली बेंद्रे को भेजा नोटिस

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जोधपुर: काला हिरण शिकार मामले में जोधपुर कोर्ट ने सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे, नीलम कोठारी, तबू और दुष्यंत सिंह को नोटिस जारी की है। कोर्ट में राज्य सरकार ने इन सभी को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए जोधपुर कोर्ट ने सभी आरोपियों को एक बार फिर से नोटिस भेजा है। बता दें कि सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे, नीलम कोठारी, तबू और दुष्यंत सिंह को स्थानीय कोर्ट ने बरी कर दिया था

राज्य सरकार ने आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। राज्य सरकार की अपील पर सुनवाई करते हुए सोमवार को हाई कोर्ट ने सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे, नीलम कोठारी, तब्बू और दुष्यंत सिंह को नोटिस जारी किया है।

क्या है काला हिरण शिकार केस
पिछले साल अभिनेता सलमान खान को वर्ष 1998 में दो काले हिरण के शिकार के मामले में दोषी पाया गया था और अप्रैल 2018 में उन्हें पांच साल की सजा सुनाई गई थी। यह घटना उस समय की है, जब सलमान खान और बाकी ऐक्टर्स राजस्थान में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग करने गए थे।

सरकारी वकील के मुताबिक उस रात सारे कलाकार जिप्सी में सवार थे, जिसे सलमान खान चला रहे थे। हिरणों का झुंड देखने पर उन्होंने गोली चलाई और उनमें से दो हिरण मार दिए थे। उन्होंने कहा कि जब लोगों ने उन्हें देखा और उनका पीछा किया तो ये कलाकर मृत हिरणों को मौके पर छोड़कर भाग खड़े हुए।

सबूतों के अभाव में सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और जोधपुर निवासी दुष्यंत सिंह को बरी कर दिया गया था। अगस्त 2018 में जोधपुर सेशंस कोर्ट ने फैसला दिया कि सलमान को विदेश जाने से पहले कोर्ट से परमिशन लेनी होगी। बता दें कि सलमान खान की ओर से विदेश जाने की परमिशन के लिए अपील दायर की गई थी।

2 अक्टूबर 1998: बिश्नोई समाज के लोगों ने सलमान खान और हम साथ साथ हैं के उनके को-ऐक्टर्स के खिलाफ हिरणों के शिकार का केस दर्ज कराया।

12 अक्टूबर 1998: सलमान खान को विलुप्तप्राय जानवरों के शिकार के आरोप में गिरफ्तार किया गया, लेकिन उन्हें तुरंत जमानत भी मिल गई।

10 अप्रैल 2006: ट्रायल कोर्ट ने वाइल्ड लाइफ प्रटेक्शन ऐक्ट के तहत चिंकारा शिकार के केस में सलमान को दोषी ठहराया। उन्हें 5 साल की सजा सुनाई गई और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

31 अगस्त 2007: राजस्थान हाई कोर्ट ने चिंकारा शिकार मामले में सलमान को पांच साल की सजा सुनाई। एक हफ्ते बाद सलमान की अपील पर यह सजा सस्पेंड कर दी गई। सलमान खान ने एक सप्ताह का यह वक्त जोधपुर जेल में बिताया। बाद में हाई कोर्ट ने आर्म्स ऐक्ट के केस में भी सलमान को बरी कर दिया।

24 जुलाई 2012: राजस्थान हाई कोर्ट की बेंच ने काले हिरण के शिकार मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए। इसके बाद मामले में ट्रायल की राह खुली।

9 जुलाई 2014: राजस्थान सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सलमान खान को नोटिस जारी किया। राजस्थान सरकार ने हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसके तहत सलमान की सजा को सस्पेंड किया गया था।

25 जुलाई 2016: राजस्थान हाई कोर्ट ने घोड़ा फार्म हाउस और भवाद गांव चिंकारा शिकार केस में सलमान खान को बरी कर दिया। हाई कोर्ट ने कहा कि इसके सबूत नहीं हैं कि सलमान की लाइसेंसी बंदूक से ही शिकार किया गया।

19 अक्टूबर 2016: राजस्थान सरकार ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। दरअसल 18 अक्टूबर 2016 को इस मामले में 10 साल से लापता गवाह हरीश दुलानी सामने आ गया। दुलानी ने दावा किया वह अपने पुराने बयान पर कायम है कि उसने सलमान को शिकार करते देखा है। राजस्थान सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दुलानी के इसी बयान को आधार बनाया।

11 नवंबर 2016: राजस्थान सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई को फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने के लिए राजी।

15 फरवरी 2017: सलमान खान के वकील ने सबूत पेश करने से इनकार कर दिया। इससे पहले 27 जनवरी को बयान की रिकॉर्डिंग के दौरान सलमान खान ने खुद को निर्दोष बताते हुए सबूत पेश करने की इच्छा जताई थी। बाद में उनके वकील ने कहा कि सबूत पेश करने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि उन्हें बेकसूर बताए जाने वाले सारे सबूत कोर्ट में पहले ही पेश किए जा चुके हैं। तब एक मार्च से इस मामले का ट्रायल शुरू होना था।

28 मार्च 2018: इस मामले में ट्रायल कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई। चीफ जुडिशल मैजिस्ट्रेट देव कुमार खत्री ने अपना फैसला सुरक्षित रखा।

5 अप्रैल 2018: जोधपुर कोर्ट ने सलमान को दोषी करार देते हुए 5 साल की सजा सुनाई। अन्य आरोपी बरी।