नहाय-खाय के साथ आज से महापर्व छठ की शुरुआत, जानें क्या है शुभ मुहूर्त और मान्यताएं

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रांची: आज नहाय खाय के साथ चार दिन तक चलने वाले महापर्व छठ की शुरुआत हो रही है. आज के दिन का खास महत्व होता है. आज घर को अच्छे से साफ किया जाता है और इसके बाद व्रती नहा-धोकर साफ कपड़े पहन कर कद्दू भात का प्रसाद ग्रहण करते हैं.

आज व्रती अरवा चावल और कद्दू की सब्जी के साथ दाल का प्रसाद ग्रहण करती हैं. नहाय-खाय के दिन मुख्य रूप से चने की दाल बनाई जाती है. परिवार के सभी सदस्य व्रत धारण करने वाले व्यक्ति के प्रसाद ग्रहण करने के बाद ही भोजन को प्रसाद के रूप में खाते हैं. इस दिन श्रद्धालु जल्दी सुबह गंगा के पवित्र जल में स्नान करते हैं और अपने घर प्रसाद तैयार करने के लिए कुछ जल घर भी लेकर आते हैं.

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दूसरे दिन होता है खरना
इसके बाद खरना होगा. जिसे पूजा का दूसरा और कठिन चरण माना जाता है. इस दिन व्रती निर्जला उपवास रखेंगे और शाम को पूजा के बाद खीर और रोटी का प्रसाद ग्रहण करेंगे. तीसरे दिन उपवास रखकर डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. साथ में विशेष प्रकार का पकवान ठेकुवा और मौसमी फल चढ़ाया जाता है. अर्घ्य दूध और जल से दिया जाता है. चौथे दिन बिल्कुल उगते हुए सूर्य को अंतिम अर्घ्य दिया जाता है. इसके बाद कच्चे दूध और प्रसाद को खाकर व्रत का समापन किया जाता है. इस बार पहला अर्घ्य 13 नवंबर को संध्या काल में दिया जाएगा और अंतिम अर्घ्य 14 नवंबर को अरुणोदय में दिया जाएगा.

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पौराणिक महत्व
पौराणिक ग्रंथों के अनुसार हर देवी-देवता की पूजा के लिए अलग-अलग तारीख निर्धारित की गई है. लेकिन छठ में सूर्य का षष्‍ठी के दिन पूजन अनोखी बात है. सूर्यषष्‍ठी व्रत में ब्रह्म और शक्‍त‍ि दोनों की एक साथ पूजा की जाती है. इसलिए छठ व्रत करने वालों को दोनों की पूजा का फल मिलता है, यही बात इस छठ पूजा को सबसे खास बनाती है.

छठ पूजा की तिथियां-

  • नहाय-खाय –           11 नवम्बर 2018
  • खरना –                 12 नवम्बर 2018
  • सूर्यास्त अर्घ्य –         13 नवंबर 2018
  • सूर्योदय अर्घ्य –        14 नवम्बर 2018

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